

- दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल के जरिए 01 अगस्त से कर सकेंगे आवेदन
नई दिल्ली, 28 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में मंगलवार को ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दिल्ली लक्ष्मी योजना (डीएलवाई) को स्वीकृति दे दी। इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन होगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत एक अगस्त से की जाएगी, जिसके माध्यम से पात्र महिलाएं आवेदन कर सकेंगी। रक्षाबंधन 28 अगस्त को है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में योजना के दिशा-निर्देशों को स्वीकृति प्रदान की गई। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक रूप से सशक्त करना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 5,110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इससे दिल्ली की 17 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली लक्ष्मी योजना की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली की बहनों के आर्थिक स्वावलंबन के लिए सरकार ने जो संकल्प लिया था, आज उसे पूरा कर दिया गया है। इस योजना के तहत सभी पात्र महिलाओं को 2,500 रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह योजना लाखों महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखेगी। दिल्ली सरकार ने अपने कार्यकाल के केवल सवा वर्ष के भीतर महिलाओं से किया गया यह महत्वपूर्ण वादा पूरा किया है। उन्होंने दिल्ली की सभी महिलाओं को इस ऐतिहासिक निर्णय पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सरकार जनता के आशीर्वाद से बनी है और सदैव जनहित एवं महिला हित में कार्य करती रहेगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा, डॉ. पंकज सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जिम्मेदारी और महिलाओं के समग्र विकास को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। योजना के तहत बच्चों का स्कूल में नामांकन, अपार आईडी, आभा आईडी, समय पर टीकाकरण और पोषण ट्रैकर पर पंजीकरण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। महिलाओं को ‘एक पेड़ मां के नाम’, स्वच्छ भारत अभियान तथा सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने जैसे जनहित अभियानों से भी जोड़ा जाएगा। साथ ही उन्हें स्वयं सहायता समूहों और कौशल प्रशिक्षण से जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे आर्थिक रूप से और अधिक सक्षम बन सकें।
योजना की विशेषताएं-
इस योजना का लाभ 21 वर्ष से 60 वर्ष तक की पात्र महिलाओं को मिलेगा, जिनके परिवार की कुल वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये तक है।
योजना प्रारंभिक रूप से लागू होने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए संचालित की जाएगी। उसके बाद इसमें संभावित परिवर्तन करके योजना को जारी रखा जाएगा।
योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये प्राप्त करने के लिए दो विकल्प होंगे।
पहले विकल्प में 1,500 रुपये आरडी/एफडी के रूप में जमा किए जाएंगे, जबकि 1,000 रुपये सीबीडीसी डिजिटल रुपया वॉलेट में दिए जाएंगे। डिजिटल वॉलेट में मिलने वाली राशि का उपयोग सरकार द्वारा निर्धारित नेगेटिव लिस्ट के अनुसार केवल अनुमत वस्तुओं और सेवाओं पर ही किया जा सकेगा।
दूसरे विकल्प में महिला चाहे तो पूरी 2,500 रुपये की राशि आरडी/एफडी के रूप में ही प्राप्त कर सकती है। इस विकल्प का उद्देश्य महिलाओं को पूंजी निवेश के लिए सहायक बनाना है।
कुछ श्रेणियों की महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी। इनमें पहले से किसी अन्य आर्थिक सहायता योजना या पेंशन प्राप्तकर्ता महिलाएं, आयकर देने वाली महिलाएं, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वाली महिलाएं, सरकारी कर्मचारी, तीन से अधिक जीवित बच्चों की माताएं, ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है, ऐसे परिवार जिनका कोई सदस्य राज्य सरकार, भारत सरकार, सार्वजनिक उपक्रम अथवा किसी सरकारी संगठन में कार्यरत हो या जिनके पास चार पहिया वाहन हो तथा आपराधिक रिकॉर्ड रखने वाली महिलाएं शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव