
नई दिल्ली, 28 जुलाई (हि.स.)। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को कहा कि शिक्षा क्षेत्र में बदलाव के लिए केवल नई-नई कमेटियां बनाने से काम नहीं चलेगा। राधाकृष्ण कमेटी भी व्यवस्था में सुधार लाने के लिए बनी थी लेकिन आज तक उसकी एक सिफारिश लागू नहीं हुई है।
प्रियंका ने कहा कि सरकार को ठोस प्रयास करने चाहिए। संसद में विपक्ष को दोषी ठहराने और राजनीति से काम नहीं चलेगा। ‘जेन जी’ का भरोसा वापस जीतने के लिए सोच की दिशा बदलनी होगी। उन्होंने कहा, “देश के नौजवान न्याय मांग रहे हैं, भीख नहीं। वे यहां सरकार गिराने नहीं अपना भरोसा बचाने के लिए आए थे।”
प्रियंका ने कहा कि सरकार को शिक्षा विशेषज्ञों को एक साथ लाना चाहिए। छात्रों, अध्यापकों, सभी स्टेक होल्डर्स को साथ लेकर अन्य विचारधाराओं के विशेषज्ञों के साथ गहरी चर्चाएं करवाकर एक नई शिक्षा प्रणाली तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मौजूदा नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में 8 महीने तो एग्जाम चलते हैं। अध्यापकों को पढ़ाने का समय नहीं मिलता।”
प्रियंका की टिप्पणी पर लोकसभा में हंगामा
लोकसभा में आज प्रियंका गांधी की शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी को लेकर की गई टिप्पणी पर हंगामा हुआ। जोशी के संबंध में की गई उनकी टिप्पणी को सत्ता पक्ष के सदस्यों ने पहले ‘प्रमाणित’ करने के लिए कहा जिसके जवाब में प्रियंका गांधी ने कहा कि इस बात के संबंध में वे अखबार की कटिंग उपलब्ध करायेंगी।
लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े कानून पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी पर आरोपात्मक टिप्पणी की। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने उन्हें इसे लेकर टोका और कहा कि नियम 353 के तहत सदन में लगाए जाने वाले किसी भी आरोप के संबंध में सदस्य को अग्रिम सूचना मिलनी चाहिए।
प्रहलाद जोशी ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई नोटिस नहीं दिया गया है। वे चाहते हैं कि प्रियंका गांधी अपनी बात को साबित करें या फिर इसे कार्यवाही से हटाया जाए। प्रियंका की टिप्पणी प्रह्लाद जोशी के कथित बयान से संबंधित थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा