इंडिया मोबाइल कांग्रेस की थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ का अनावरण, 7 से 10 अक्टूबर तक होगा आयोजन

29 Jul 2026 22:53:53
नई दिल्ली में भारत मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 की थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज़’ का अनावरण करते केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया।


नई दिल्ली में भारत मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 की थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज़’ का अनावरण करते केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया।


नई दिल्ली, 29 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) के 10वें संस्करण की आधिकारिक थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज़’ का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि यह थीम भारत की डिजिटल क्षमताओं, नवाचार और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व को नई दिशा देने का प्रतीक है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में होगा।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण में 100 से अधिक देशों के प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। इसमें 1.5 लाख से अधिक आगंतुक, 300 से अधिक प्रदर्शक और साझेदार तथा 1,500 से अधिक प्रौद्योगिकी आधारित उपयोग प्रस्तुत किए जाएंगे। आयोजन का उद्देश्य नीति निर्माताओं, उद्योग जगत, स्टार्टअप, निवेशकों, शिक्षाविदों और वैश्विक प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जब प्रौद्योगिकी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचती है तो अवसर पैदा होते हैं और जब अवसर प्रत्येक नागरिक तक पहुंचते हैं तो परिवर्तन अनिवार्य हो जाता है। आज देश में 133 करोड़ लोगों के हाथों में मोबाइल फोन हैं और डेटा की कीमत 287 रुपये प्रति जीबी से घटकर लगभग आठ रुपये प्रति जीबी रह गई है, जो तकनीक के लोकतंत्रीकरण का उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत में विकसित प्रौद्योगिकी, नवाचार और समाधान विश्व की सीमाओं को पार करें। भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक मानकों, डिजिटल समाधान और नई प्रौद्योगिकियों को दिशा देने वाला देश बन रहा है। उन्होंने कहा कि ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज़’ इसी सोच को दर्शाती है।

सिंधिया ने कहा कि भारत 6जी प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी वैश्विक नेतृत्व की तैयारी कर रहा है। भारत 6जी गठबंधन और वैश्विक मानकों के विकास में देश की सक्रिय भूमिका भविष्य की डिजिटल व्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने दूरसंचार क्षेत्र में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और ग्वालियर में स्थापित देश के पहले दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार और उद्योग मिलकर काम कर रहे हैं।

संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत के दूरसंचार क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। आज देश के प्रत्येक जिले तक 5जी सेवा पहुंच चुकी है और मोबाइल सेवाएं देश के लगभग प्रत्येक नागरिक तक उपलब्ध हैं। भारत ने स्वदेशी 4जी तकनीक भी विकसित की है और अब सरकार का लक्ष्य देश के प्रत्येक गांव तक उच्च गति ब्रॉडबैंड पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि भारतनेट परियोजना, 5जी फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए), 6जी, क्वांटम संचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उपग्रह संचार जैसी प्रौद्योगिकियों के माध्यम से देश को डिजिटल इंडिया से इंटेलिजेंट इंडिया की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।

दूरसंचार विभाग के सचिव एवं डिजिटल संचार आयोग के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस आज भारत का प्रमुख डिजिटल मंच बन चुका है। इसमें प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों और वैश्विक भागीदारी में लगातार वृद्धि हुई है। इस वर्ष की थीम भारत की बढ़ती डिजिटल क्षमता और वैश्विक योगदान को प्रतिबिंबित करती है।

सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के अध्यक्ष राहुल वत्स ने कहा कि वर्ष 2017 में इंडिया मोबाइल कांग्रेस की शुरुआत 32 हजार आगंतुकों और 100 प्रदर्शकों के साथ हुई थी। आज यह केवल उद्योग का आयोजन नहीं, बल्कि भारत का प्रमुख प्रौद्योगिकी मंच बन चुका है, जहां नीति, उद्योग और नवाचार का संगम होता है। उन्होंने कहा कि पहले भारत दुनिया से सीखने आता था, लेकिन अब दुनिया भारत के नवाचारों को देखने आती है।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में 5जी और 6जी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, उपग्रह संचार, डीपटेक, क्लीनटेक, इंडस्ट्री 4.0, एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन, स्मार्ट मोबिलिटी, औद्योगिक स्वचालन और परिवहन प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा।

आयोजन को चार प्रमुख स्तंभ सृष्टि (भविष्य का निर्माण), संवर्धन (विकास को गति), सशक्त (अवसरों का विस्तार) और सुरक्षा (विश्वास को सुदृढ़ करना) के आधार पर तैयार किया गया है। इन स्तंभों के माध्यम से सुरक्षित, समावेशी और टिकाऊ डिजिटल नवाचारों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।

स्टार्टअप कार्यक्रम ‘एस्पायर’ के तहत 400 से अधिक स्टार्टअप, 300 से अधिक निवेशक, इनक्यूबेटर, एक्सेलेरेटर और वेंचर कैपिटल संस्थाएं भाग लेंगी। कार्यक्रम के दौरान 700 से अधिक निवेशक-स्टार्टअप बैठकें, मेंटरशिप सत्र, लाइव पिचिंग, नेटवर्किंग और रणनीतिक साझेदारी के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

थीम के औपचारिक अनावरण से पहले इंडिया मोबाइल कांग्रेस ने सत्वा कंसल्टिंग के सहयोग से दूरसंचार एवं संबंधित क्षेत्रों के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) और स्थिरता विशेषज्ञों की गोलमेज बैठक का भी आयोजन किया, जिसमें समावेशी विकास और डिजिटल परिवर्तन को गति देने में सीएसआर की भूमिका पर चर्चा की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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