
नई दिल्ली, 29 जुलाई (हि.स.)। माला साड़ी ब्रांड की साड़ियों की निर्माता कंपनी श्री बालाजी (माला) टेक्सटाइल लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 70 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 90 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 133 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 139.65 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण इसका अपर सर्किट ब्रेक हो गया। लगातार हो रही बिकवाली के कारण सुबह 10 बजे के करीब ये शेयर 126.35 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक आ गया और दिन के अंत में इसी स्तर पर बंद हुआ। इस तरह पहले दिन के कारोबार में लोअर सर्किट लगने के बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 56.35 रुपये यानी 80.50 प्रतिशत का फायदा हो गया।
श्री बालाजी (माला) टेक्सटाइल लिमिटेड का 18.90 करोड़ रुपये का आईपीओ 22 से 24 जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 200.34 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 113.55 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 249.47 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 228.24 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 27 लाख नए शेयर बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
श्री बालाजी (माला) टेक्सटाइल लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.46 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.95 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 5.85 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में उतार-चढ़ाव के बावजूद बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 195.89 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 202-25 में घट कर 193.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 212.40 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 51.37 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 48.75 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। हालांकि, इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 69.08 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 16.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 21.65 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 27.51 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 15.98 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 20.93 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, अगले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस मामूली गिरावट के साथ 20.30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 10.23 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 13.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 15.50 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक