एसआईआर पर विपक्षी दलों की तरफ से सवाल उठाए जाने की भाजपा ने की निंदा

03 Jul 2026 18:50:54
पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा प्रवक्ता एवं सांसद सुधांशु त्रिवेदी


नई दिल्ली, 03 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मुख्य न्यायाधीश को विपक्षी दलों द्वारा लिखे गए पत्र और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठाए गए सवालों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास बताते हुए इसकी निंदा की है।

भाजपा मुख्यालय में शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपनी-अपनी पार्टियों को निजी और जातिगत जागीर की तरह चलाते हैं तथा जनता की भावनाओं की लगातार अनदेखी और अनादर के कारण बार-बार जनसमर्थन खो रहे हैं।

सुधांशु त्रिवेदी ने कानूनी पक्ष का हवाला देते दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को विभिन्न न्यायालयों ने पूरी तरह उचित और वैध माना है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग और भारत सरकार समय-समय पर इस तरह के मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चलाते रहे हैं इसलिए इसे असाधारण या विवादास्पद प्रक्रिया के रूप में पेश करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि संवैधानिक दृष्टि से विरोधी दल एक बार भी कोई तथ्यात्मक विषय न्यायालय के समक्ष रखने में असफल रहे और संदिग्ध वोटरों के दम पर राज्यों की सत्ता पर काबिज होने का जो ख्वाब था, वह अब चकनाचूर होता दिख रहा है।

उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से सवाल पूछते हुए कहा कि जिस भाषा शैली में सर्वोच्च न्यायालय को पत्र लिखा है, ये वही अहंकारी भाषा शैली नजर आती है, जो आपातकाल में नजर आती थी। केरल में कांग्रेस के एक बड़े नेता शशि थरूर ने टीवी कार्यक्रम में कहा है कि एसआईआर के द्वारा जो वोटर रिविजन हुआ, उससे कांग्रेस को फायदा हुआ।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अपने कार्यकर्ताओं को ये निर्देश दे रहे हैं कि एसआईआर की प्रक्रिया में तत्परता से लग जाओ और यहां पर एसआईआर पर आक्षेप लगा रहे हैं।

ये कानूनी दृष्टि से कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां सिर्फ़ विपक्ष में ही नहीं हैं, वे कुछ राज्यों में सरकार भी चला रहे हैं। उन्होंने पूछा कि विपक्षी दलों का वहां गवर्नेंस मॉडल क्या है? उन्होंने कहा जब भाजपा विपक्ष में थी तो प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात को एक मॉडल राज्य बनाया और 'वाइब्रेंट गुजरात' इवेंट शुरू किया, जो आज भी राज्य में जारी है।

लेकिन तेलंगाना, कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार सिर्फ़ तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति, साथ ही कट्टरपंथियों का सहयोग कर रही है।

कांग्रेस पर तंज कसते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि

चुनाव आयोग और लोकतंत्र पर आरोप लगाते हैं लेकिन कभी गांधी परिवार से सवाल नहीं पूछते, जो समाजवादी पार्टी की मदद के बिना अपनी अमेठी सीट भी नहीं जीत पाए। कांग्रेस के नेता चुनावी मैदान में कम, विदेशों में ज्यादा नजर आते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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