
नई दिल्ली, 03 जुलाई (हि.स.)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई ) ने खुद को 'एनर्जी ड्रिंक' बताने वाले कई बेवरेज ब्रांड्स को मिसब्रांडिंग और भ्रामक दावों के आरोप में नोटिस जारी किया है। एफएसएसएआई के अनुसार, इन उत्पादों की ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार में ऐसे दावे किए गए, जो खाद्य सुरक्षा एवं लेबलिंग नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए। इनमें रेड बुल एनर्जी ड्रिंक, स्टिंग एनर्जी ड्रिंक, मॉन्स्टर एनर्जी, कैंपा गोल्ड बूस्ट, एड्रेनालाइन रश, हैल एनर्जी शामिल है।
नियामक ने संबंधित कंपनियों से जवाब मांगा है और निर्देश दिया है कि वे भ्रामक दावों तथा गलत ब्रांडिंग को तुरंत सुधारें। नियामक ने इन कंपनियों की मार्केटिंग, लेबलिंग और प्रचार पर कड़ी आपत्ति जताई है।
नोटिस में कहा गया है कि गैर-मान्यता प्राप्त शब्द: भारत में 'एनर्जी ड्रिंक' नाम की कोई आधिकारिक खाद्य श्रेणी मौजूद नहीं है। भ्रामक दावे खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत भोजन या पेय पदार्थों पर दिमाग और शरीर में स्फूर्ति, फोकस बढ़ाना, ऊर्जा स्तर को बूस्ट करना या आम कमजोरी दूर करना जैसे चिकित्सीय या कार्यात्मक दावे करना प्रतिबंधित है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी