हैदराबाद की 13 वर्षीय नवजोत ने बनाया 'एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स', 10 सेकंड में जड़े 105 बैकफिस्ट पंच

03 Jul 2026 17:34:55

हैदराबाद, 03 जुलाई (हि.स.)। हैदराबाद की 13 वर्षीय मार्शल आर्टिस्ट नवजोत सिंह ठाकुर ने अपनी अद्भुत गति और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने टीनेज फीमेल श्रेणी में महज 10 सेकंड में 105 बैकफिस्ट पंच मारकर 'एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में आधिकारिक स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन, सटीक तकनीक और मार्शल आर्ट्स के प्रति समर्पण का प्रमाण मानी जा रही है।

नवजोत वर्तमान में भारत के प्रसिद्ध कराटे ग्रैंडमास्टर हंशी शाश्वत कुमार के मार्गदर्शन में सेनकोकाई कराटे का प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने विशेष प्रशिक्षण, नियमित अभ्यास और अनुशासित तैयारी के माध्यम से इस विश्व रिकॉर्ड के लिए खुद को तैयार किया।

नवजोत ने बताया कि उनके गुरु हंशी शाश्वत कुमार की उपलब्धियों ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने की प्रेरणा दी। हंशी शाश्वत कुमार स्वयं 10 सेकंड में 150 बैकफिस्ट पंच मारने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। अपने गुरु की उपलब्धि से प्रेरित होकर नवजोत ने लगातार अभ्यास किया और कम उम्र में ही रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया।

नवजोत की सफलता में उनके माता-पिता की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया और आवश्यक सहयोग प्रदान किया। परिवार के निरंतर समर्थन और गुरु के मार्गदर्शन ने उन्हें इस प्रतिष्ठित उपलब्धि तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।

इस उपलब्धि पर हंशी शाश्वत कुमार ने कहा कि नवजोत की सफलता उनके अनुशासन, कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और माता-पिता के निरंतर सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा, नवजोत की उपलब्धि पर मुझे बेहद गर्व है। यह केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उनके परिवार, हमारी अकादमी और पूरे मार्शल आर्ट्स समुदाय के लिए गर्व का विषय है। मुझे विश्वास है कि उनकी सफलता अन्य युवा खिलाड़ियों को भी अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी।

*एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने नवजोत सिंह ठाकुर की इस उपलब्धि को आधिकारिक रूप से मान्यता प्रदान करते हुए अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया है। इसके साथ ही वह हैदराबाद की सबसे कम उम्र की उन मार्शल आर्टिस्टों में शामिल हो गई हैं, जिन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है। उनकी यह उपलब्धि भारतीय मार्शल आर्ट्स जगत के लिए भी एक प्रेरणादायक उपलब्धि मानी जा रही है।

-------------

हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj

Powered By Sangraha 9.0