नेपाल के स्कूली छात्रों को दिया जायेगा सैन्य प्रशिक्षण, विधेयक संसद में पंजीकृत

03 Jul 2026 14:51:53
संसद में बोलते हुए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह


काठमांडू, 03 जुलाई (हि.स.)। नेपाल सरकार ने स्कूली छात्रों को सैन्य प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से स्कूलों में राष्ट्रीय सेवा कोर (नेशनल सर्विस कॉर्प्स) गठन का प्रस्ताव रखते हुए संघीय संसद में एक विधेयक पंजीकृत किया है। विधेयक में प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स के लिए भोजन, आवास और बीमा की व्यवस्था का भी प्रावधान है। साथ ही, प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत सैन्य कर्मियों को तैनात किया जाएगा।

नेशनल सर्विस कॉर्प्स विधेयक नामक इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य वर्तमान में लागू न रहे राष्ट्रीय सेवा कोर ऐन को प्रतिस्थापित करना है। सरकार का कहना है कि नया कानून संवैधानिक व्यवस्था और नेपाल की संघीय संरचना के अनुरूप कानूनी ढांचे को अद्यतन करते हुए सेवा कोर को आधुनिक बनाने के लिए लाया गया है। प्रस्तुत विधेयक में कहा गया है कि इसका मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्रों में देशभक्ति, सार्वजनिक सेवा की भावना और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।

विधेयक का उद्देश्य संविधान के अनुच्छेद 51(क) में उल्लिखित राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को लागू करते हुए नागरिकों को राष्ट्र सेवा के लिए तैयार करना भी है। विधेयक के उद्देश्य एवं कारण में उल्लेख है कि 56 वर्ष पुराना कानून वर्तमान आवश्यकताओं और संस्थागत व्यवस्थाओं के अनुरूप नहीं रह गया है। प्रस्तावित कानून के अनुसार सामुदायिक तथा संस्थागत (निजी) दोनों प्रकार के स्कूलों के छात्र प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के पात्र होंगे।

कार्यक्रम को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। जूनियर डिविजन में कक्षा 8 से 10 तक के 13 से 18 वर्ष आयु वर्ग के छात्र शामिल होंगे, जबकि सीनियर डिविजन में कक्षा 11 और 12 के 16 से 21 वर्ष आयु वर्ग के छात्र शामिल किए जाएंगे। प्रशिक्षण दो चरणों में संचालित होगा। पहला चरण संबंधित स्कूलों में होगा, जबकि दूसरा चरण राष्ट्रीय सेवा कोर के प्रशिक्षण केंद्रों में आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाले छात्रों को स्वयंसेवक के रूप में सार्वजनिक सेवा, आधारभूत संरचना विकास, आपदा प्रबंधन, महामारी नियंत्रण तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में परिचालित किया जा सकेगा।

विधेयक में यह प्रावधान भी है कि राष्ट्रीय आवश्यकता के समय सरकार किसी भी नेपाली नागरिक या संस्था को प्रशिक्षण दे सकती है। धारा 18 के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर सरकार राष्ट्रीय सेवा के लिए नागरिकों को प्रशिक्षित और परिचालित कर सकेगी। प्रस्तावित संगठनात्मक संरचना के तहत प्रधानमंत्री को मुख्य संरक्षक (चीफ पैट्रन) और रक्षा मंत्री को संरक्षक (पैट्रन) बनाया गया है। रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में एक निर्देशक समिति नीति-निर्देशन प्रदान करेगी। इसमें सेना प्रमुख, रक्षा सचिव और शिक्षा सचिव सदस्य होंगे।

विधेयक में संगठन के प्रशासनिक नेतृत्व के लिए एक कार्यकारी महानिदेशक नियुक्त करने का भी प्रस्ताव है। सेना प्रमुख की सिफारिश पर सरकार सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल में से किसी एक को दो वर्ष के लिए इस पद पर नियुक्त करेगी। राष्ट्रीय सेवा कोर का मुख्यालय काठमांडू में रहेगा, जबकि आवश्यकता अनुसार अन्य स्थानों पर प्रशिक्षण केंद्र और कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। प्रशिक्षण अवधि के दौरान कैडेट्स को कड़े अनुशासन का पालन करना होगा। अनुशासनहीनता या शारीरिक एवं मानसिक रूप से अयोग्य पाए जाने वाले छात्रों को कार्यक्रम से हटाया जा सकता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

Powered By Sangraha 9.0