तमिलनाडु बजट : मुख्यमंत्री विजय की मैराथन समीक्षा बैठकें जारी, चुनावी वादों को बजट में उतारने की तैयारी तेज

03 Jul 2026 13:08:53
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की फाइल फोटो


चेन्नई, 03 जुलाई (हि.स.)। तमिलनाडु सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के अपने पहले पूर्ण बजट की तैयारियों को लगभग अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन विभागवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं, बजटीय आवश्यकताओं और नई घोषणाओं पर विस्तार से मंथन किया गया। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला अवसर है जब विजय सरकार अपना पूर्ण बजट पेश करने जा रही है। ऐसे में इस बजट को नई सरकार की नीतियों, चुनावी घोषणाओं और अगले पांच वर्षों के विकास रोडमैप का आधार माना जा रहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु विधानसभा का अगला सत्र जुलाई के अंतिम सप्ताह अथवा अगस्त के पहले सप्ताह में बुलाया जा सकता है। इसी सत्र में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किए जाने की संभावना है। इसे देखते हुए सभी विभागों से योजनाओं, परियोजनाओं और वित्तीय आवश्यकताओं का अंतिम आकलन कराया जा रहा है ताकि बजट दस्तावेज को अंतिम रूप दिया जा सके।

राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा है कि इस बार का बजट सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के चुनावी घोषणा पत्र का प्रतिबिंब हो सकता है। चुनाव प्रचार के दौरान किए गए कई प्रमुख वादों को बजट के माध्यम से लागू करने की तैयारी चल रही है।

सूत्रों के मुताबिक सरकार महिलाओं को प्रति माह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की योजना पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसके अलावा प्रत्येक परिवार को वर्ष में छह रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के वादे को भी चरणबद्ध तरीके से लागू करने के विकल्पों पर मंथन जारी है। हालांकि सरकार इन योजनाओं को लागू करने से पहले उनके वित्तीय प्रभाव, राजकोषीय बोझ और संसाधनों की उपलब्धता का विस्तृत अध्ययन कर रही है, ताकि लोककल्याण और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

आज आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विजय ने ग्रामीण विकास विभाग और राजमार्ग विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में ग्रामीण सड़क नेटवर्क के विस्तार, पंचायत स्तर पर आधारभूत सुविधाओं के विकास, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, ग्रामीण रोजगार, संपर्क मार्गों के निर्माण और राज्य के राजमार्गों के आधुनिकीकरण से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा की गई।

इसके साथ ही राज्य में चल रही सड़क निर्माण परियोजनाओं की प्रगति, नए पुलों और सड़कों के निर्माण, यातायात प्रबंधन तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने के लिए आवश्यक बजटीय प्रावधानों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, विभागवार समीक्षा बैठकों का यह सिलसिला 22 जुलाई तक जारी रहेगा। इस दौरान लगभग सभी प्रमुख विभागों की योजनाओं, उपलब्धियों, लंबित परियोजनाओं और आगामी वित्तीय आवश्यकताओं की समीक्षा की जाएगी। इन बैठकों से प्राप्त सुझावों और विभागों द्वारा प्रस्तुत वित्तीय मांगों के आधार पर वित्त विभाग अंतिम बजट दस्तावेज तैयार करेगा, जिसे विधानसभा में पेश किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में विभागवार समीक्षा बैठकों का दौर गुरुवार से शुरू हुआ था। पहले दिन सहकारिता एवं खाद्य विभाग तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), खाद्यान्न आपूर्ति, सहकारी संस्थाओं के संचालन, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों, राहत एवं पुनर्वास कार्यों तथा राजस्व प्रशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन, वित्त मंत्री मरिया विल्सन, खाद्य मंत्री वेंकटरमणन, सहकारिता मंत्री गांधिराज सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सचिव उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विभागवार प्रस्तुतियों के माध्यम से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, बजटीय आवश्यकताओं और भविष्य की प्राथमिकताओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

समीक्षा बैठकों में राज्य की वर्तमान वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए ऐसे प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है जिन्हें अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। सरकार अधूरी विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, लंबित सार्वजनिक सेवाओं में तेजी लाने, आधारभूत संरचना को मजबूत करने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दे रही है।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

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