विकसित भारत 2047 की परिकल्पना वीबी-जी राम-जी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से साकार होगीः लक्ष्मी वर्मा

03 Jul 2026 21:52:53
मीडिया वार्ता कार्यक्रम को संबोधित करती राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा


मीडिया वार्ता कार्यक्रम को संबोधित करते नवा रायपुर के डिप्टी कमिश्नर नितेश उपाध्याय


ग्रामीण विकास संस्थान के संकाय सदस्य डॉ. अनंत रघुवंशी कार्यक्रम को संबोधित करते


रायपुर, 03 जुलाई (हि.स.)।भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), रायपुर ने शुक्रवार को रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस के कॉन्फ्रेंस हॉल में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) [वीबी-जी राम-जी] अधिनियम, 2025 विषय पर मीडिया वार्ता का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना वीबी-जी राम-जी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से साकार होगी।

सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना वीबी-जी राम-जी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से साकार होगी। उन्होंने कहा कि एक जुलाई 2026 से अधिनियम लागू होने के बाद ग्रामीण आजीविका को नई दिशा मिली है। यह व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ रोजगार और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि कहा कि नई व्यवस्था में पूर्ववर्ती प्रणाली की तकनीकी एवं प्रक्रियागत कमियों को दूर करते हुए ग्रामीण विकास को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है। अधिनियम के अंतर्गत रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है तथा मजदूरी दर में भी वृद्धि का प्रावधान किया गया है। जॉब कार्डधारकों को समयबद्ध एवं सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया है।

उन्होंने बताया कि सभी विकास कार्यों का विवरण संबंधित ऑनलाइन पोर्टलों पर उपलब्ध कराया जाएगा तथा प्रत्येक कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी। कार्यों की जियो-टैगिंग के माध्यम से प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक दूरसंचार अवसंरचना विकसित की जाएगी। ग्राम पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करेंगी, जिनका जनपद एवं जिला स्तर पर परीक्षण एवं अनुमोदन किया जाएगा।

कार्यक्रम के विषय वक्ता तथा वीबी-जी राम-जी राज्य कार्यालय, नवा रायपुर के डिप्टी कमिश्नर नितेश उपाध्याय ने अधिनियम के क्रियान्वयन संबंधी प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा घोषित अंतरिम आवंटन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 3,354.85 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वीबी-जी राम-जी अधिनियम के तहत भौगोलिक सूचना प्रणाली (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम-जीआईएस) आधारित योजना निर्माण, विकसित ग्राम पंचायतों की अवधारणा तथा कृषि के चरम मौसम को ध्यान में रखते हुए 65 दिनों के कार्य अंतराल (गैप) का विशेष प्रावधान किया गया है।

विषय वक्ता ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संकाय सदस्य डॉ. अनंत रघुवंशी ने कहा कि वीबी-जी राम-जी अधिनियम केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरणीय स्थिरता, सुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता को भी सुदृढ़ करना है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में संचालित कार्यों की डिजिटल सॉफ्टवेयर के माध्यम से नियमित निगरानी, प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अर्थदंड जैसे प्रावधान अधिनियम को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाते हैं।

मीडिया वार्ता में बताया गया कि वीबी-जी राम-जी अधिनियम एक जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू किया गया है। इसके अंतर्गत पात्र ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान की गई है। अधिनियम का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का संवर्धन, कृषि अवसंरचना का विकास, स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, आजीविका के विविधीकरण तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है।

कार्यक्रम के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत संवाद भी हुआ, जिसमें अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, क्रियान्वयन प्रक्रिया तथा इसके संभावित सामाजिक-आर्थिक प्रभावों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर विशेषज्ञों द्वारा दिए गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

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