आईआरएफसी ने पहली तिमाही में दर्ज किया अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, लाभ 10.40 प्रतिशत बढ़ा

30 Jul 2026 18:08:53

नई दिल्ली, 30 जुलाई (हि.स.)। रेल मंत्रालय के अधीन नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (आईआरएफसी) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अब तक का सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक तिमाही आय, कर पश्चात लाभ (पीएटी) और निवल संपत्ति (नेट वर्थ) का नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी ने इस अवधि में भी शून्य गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (जीरो एनपीए) का रिकॉर्ड बरकरार रखा।

30 जून को समाप्त पहली तिमाही के अलेखा परीक्षित (अन आडिटेड) स्टैंडअलोन वित्तीय परिणामों के अनुसार आईआरएफसी की कुल आय बढ़कर 8,391.34 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 6,918.24 करोड़ रुपये थी। कंपनी का कर पश्चात लाभ (पीएटी) 10.40 प्रतिशत बढ़कर 1,927.21 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक वर्ष पहले इसी अवधि में 1,745.69 करोड़ रुपये था।

कंपनी की निवल संपत्ति 30 जून 2026 तक बढ़कर 58,791.95 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जबकि 31 मार्च 2026 को यह 56,748.76 करोड़ रुपये थी। तिमाही के दौरान नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) 1.48 प्रतिशत (वार्षिकीकृत) रहा। वहीं, एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 4.79 लाख करोड़ रुपये रहा।

आईआरएफसी ने कहा कि विविधीकृत ऋण पोर्टफोलियो का विस्तार करने के बावजूद उसने शून्य एनपीए की उपलब्धि बरकरार रखी है, जिससे उसकी ऋण पुस्तिका पूरी तरह स्वस्थ बनी हुई है।

आईआरएफसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार दुबे ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही कंपनी के लिए मजबूत शुरुआत रही है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड आय, लाभ और निवल संपत्ति कंपनी की आईआरएफसी 2.0 के तहत अपनाई गई विविधीकरण रणनीति तथा उच्च गुणवत्ता वाली परिसंपत्तियों के साथ शून्य एनपीए बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कंपनी रेलवे से जुड़े गतिशीलता और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति और मजबूत करते हुए देश के बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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