महानदी विवाद के समाधान पर छत्तीसगढ़-ओडिशा का संवाद व सहयोग से रास्ता निकालने पर जोर

30 Jul 2026 19:31:53
महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर गुरुवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित अन्य ।


नई दिल्ली, 30 जुलाई (हि.स.)। महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर गुरुवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अपने-अपने राज्यों का पक्ष रखते हुए संवाद और आपसी सहयोग के जरिए स्थायी समाधान निकालने पर जोर दिया।

नई दिल्ली के श्रमशक्ति भवन में आयोजित बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू, दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, जल शक्ति मंत्रालय तथा केंद्रीय जल आयोग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक के बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने कहा कि सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करते हुए महानदी जल विवाद पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर संवाद, पारदर्शिता और तकनीकी सहयोग के माध्यम से ऐसा सर्वसम्मत समाधान निकलेगा, जो दोनों राज्यों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ जल संसाधनों के न्यायसंगत और सतत उपयोग को भी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए जल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और इस दिशा में सभी राज्यों का समन्वित प्रयास सबसे बड़ी शक्ति है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी दोनों राज्यों की साझा जीवनरेखा है और छत्तीसगढ़ इस बैठक को विवाद की निरंतरता नहीं, बल्कि समाधान की नई शुरुआत के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि राज्य ओडिशा की सिंचाई, पेयजल और हीराकुंड परियोजना से जुड़ी चिंताओं का सम्मान करता है, लेकिन छत्तीसगढ़ के किसानों, आदिवासी क्षेत्रों, सूखा प्रभावित इलाकों और भविष्य की विकास आवश्यकताओं का भी समान महत्व है। उन्होंने दोनों राज्यों के विशेषज्ञों द्वारा जल का वैज्ञानिक आकलन, कम वर्षा वाले वर्षों के लिए साझा व्यवस्था और स्थायी संस्थागत तंत्र विकसित करने का सुझाव दिया गया।

ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि बैठक में ओडिशा का पक्ष मजबूती और स्पष्टता के साथ रखा गया। उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकारों, किसानों और नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के हितों तथा जल संसाधनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। ओडिशा रचनात्मक संवाद, आपसी सहयोग और दोनों राज्यों के बीच सद्भावपूर्ण संबंधों के माध्यम से महानदी जल विवाद का स्थायी, न्यायसंगत और सभी पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में साय ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और केंद्रीय जल आयोग से निष्पक्ष तकनीकी सहयोग, समयबद्ध कार्ययोजना तथा दोनों राज्यों के बीच दीर्घकालिक समझौते का प्रारूप तैयार कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। बैठक में इस बात पर भी सहमति जताई गई कि निरंतर संवाद और सहयोग से महानदी जल विवाद के समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रगति संभव है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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