
काठमांडू, 30 जुलाई (हि.स.)। नेपाल की राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) की सांसद खुशबू ओली ने सुनसरी के देवानगंज में हुई हिंसा का मुद्दा संसद में जोरदार ढंग से उठाते हुए सरकार और सदन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सभी लोग घटना की चर्चा तो कर रहे हैं, लेकिन यह बताने का साहस नहीं जुटा रहे कि आखिर घटना क्या थी और किसके साथ हुई।
संसद में अपना पक्ष रखते हुए खुशबू ओली ने कहा कि सुनसरी में बोलबम कांवड़ यात्रा के दौरान हिंदू श्रद्धालुओं पर हमला हुआ, जिसमें लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वास्तविकता को स्पष्ट रूप से स्वीकार करने से राजनीतिक नेतृत्व और सरकार बच रही है।
आरपीपी सांसद ने प्रश्न उठाते हुए कहा, आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि हम अपने ही देश में बहुसंख्यक हिंदुओं पर हुए हमले की बात कहने से डरते हैं? हम घटना की बात तो करते हैं, लेकिन यह बताने का साहस नहीं करते कि हमला बोलबम यात्रा पर हुआ और इस हिंसा में हिंदू समुदाय के लोग मारे गए तथा घायल हुए।
उन्होंने कहा कि यदि संसद में भी घटनाओं को उनके वास्तविक स्वरूप में रखने का साहस नहीं होगा, तो पीड़ितों को न्याय कैसे मिलेगा। ओली ने सरकार से सुनसरी हिंसा की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास