किसानों के मुद्दे पर डीएमके का टीवीके सरकार के खिलाफ तीन अगस्त को विरोध प्रदर्शन का ऐलान

30 Jul 2026 17:35:53
एम.के. स्टालिन का एक्स


चेन्नई, 30 जुलाई (हि.स.)। तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) की सरकार पर किसानों की मांगों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) ने विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। पार्टी के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने कहा कि इस सरकार के खिलाफ तीन अगस्त को तमिलनाडु के तंजावुर में विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित होगा।

स्टालिन ने एक बयान में आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले वादा किया गया था कि पांच एकड़ से कम भूमि रखने वाले किसानों के सहकारी बैंकों से लिए गए फसल ऋण पूरी तरह माफ किए जाएंगे और पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों के फसल ऋण का 50 प्रतिशत माफ किया जाएगा। सत्ता में आने के बाद सरकार ने शुरुआत में केवल 50 हजार रुपये तक के फसल ऋण माफ करने की घोषणा की। बाद में किसानों के आंदोलन और दबाव के बाद इस सीमा को बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया गया, लेकिन चुनावी वादों के अनुरूप किसानों को अब भी पूरी राहत नहीं मिली है।

स्टालिन ने यह भी आरोप लगाया कि मेकेदातु बांध मुद्दे पर तमिलनाडु सरकार ने उचित कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन के बाद कर्नाटक सरकार मेकेदातु बांध परियोजना को आगे बढ़ाने में गंभीरता दिखा रही है तथा कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रियों से मुलाकात कर परियोजना को मंजूरी और वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया है लेकिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को केवल एक पत्र लिखकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली और उसके बाद इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली।

दूसरी ओर कावेरी जल विनियमन समिति द्वारा तमिलनाडु के हिस्से का पानी छोड़ने का निर्देश के बावजूद कर्नाटक सरकार ने उसे मानने से इनकार कर दिया है। ऐसे में इस मुद्दे पर तमिलनाडु सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक दलों और किसान संगठनों द्वारा सर्वदलीय बैठक तथा किसान संगठनों की बैठक बुलाने की मांग किए जाने के बावजूद तमिलनाडु सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया।

एम.के. स्टालिन ने कुरुवई फसल पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष 6.5 लाख एकड़ में कुरुवई की खेती हुई थी, जबकि इस वर्ष मेट्टूर बांध नहीं खोले जाने के कारण केवल 1.5 लाख एकड़ में ही खेती हो रही है। इससे लगभग 2,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और 14 लाख किसानों की आजीविका प्रभावित हुई है।

उन्होंने मांग की कि प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 25 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए, फसल बीमा का प्रीमियम सरकार स्वयं भरे तथा सांबा फसल की खेती के लिए आवश्यक बीज, उर्वरक और कीटनाशक सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाएं। स्टालिन ने कहा कि इन्हीं मांगों को लेकर तथा कावेरी अधिकारों की रक्षा करने में टीवीके सरकार की कार्यप्रणाली की निंदा करते हुए 3 अगस्त को सुबह 10 बजे तंजावुर के पनगल भवन के निकट डीएमके युवा विंग के सचिव एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

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