

नई दिल्ली, 31 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि सरकार कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) में बड़ा बदलाव करते हुए बेहतर निजी अस्पतालों को इसके लिए नामित करने की तैयारी कर रही है। इस दिशा में हितधारकों की ओर से दिए जाने वाले सभी सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी।
डॉ. मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को नई दिल्ली में चौथे ग्लोबल इंडस्ट्रियल रिलेशंस समिट को संबोधित करते हुए कहा कि हम ईएसआईसी में बड़ा परिवर्तन लाने जा रहे हैं। यह समिट अखिल भारतीय नियोक्ता संगठन (एआईओई) ने फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) और आईएलओ के साथ मिलकर आयोजित की है। उन्होंने कि अगर निजी क्षेत्र में भी अच्छे अस्पताल हैं, तो उन्हें ईएसआईसी अस्पताल के रूप में नामित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भारत की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का दायरा अब लगभग 101 करोड़ लोगों यानी देश की 68.8 फीसदी आबादी तक पहुंच चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी। केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और अन्य गणमान्य लोगों ने दो दिवसीय समिट के मौके पर एक स्मारिका का भी विमोचन किया। उन्होंने रोजगार क्षेत्र की मजबूती में सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि बारह साल पहले रोजगार क्षेत्र में 0.008 फीसदी की बढ़ोतरी की तुलना में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में हर एक फीसदी की बढ़ोतरी से 1.11 फीसदी रोजगार में बढ़ोतरी हो रही है।
मांडविया ने बताया कि अच्छे औद्योगिक रिश्तों के लिए सरकारों, उद्योग जगत, नियोक्ताओं, कामगारों और ट्रेड यूनियनों के बीच लगातार तालमेल बनाने की जरूरत है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आर्थिक विकास और रोजगार पैदा करने की भी तरक्की एक साथ हो। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कि औद्योगीकरण देश के विकास के लिए जरूरी है, क्योंकि इससे रोजगार पैदा होता है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर