सब्सक्रिप्शन के लिए फ्यूजन क्लासरुम का आईपीओ लॉन्च, 7 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग

31 Jul 2026 11:58:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 31 जुलाई (हि.स.)। प्रोफेशनल और कंपेटिटिव परीक्षाओं के लिए कोचिंग सर्विस देने वाली कंपनी फ्यूजन क्लासरुम एडुटेक लिमिटेड का 39.04 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में चार अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद पांच अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि छह जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर सात अगस्त को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च होने के बाद दोपहर 11:30 बजे तक ये आईपीओ 14 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 151 रुपये से लेकर 159 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 800 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 1,600 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,54,400 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 24,55,200 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 32 करोड़ रुपये के 19,89,400 नए शेयर जारी किये जा रहे हैं, जबकि 7.04 करोड़ रुपये के 4,645,800 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.31प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.30 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.37 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.02 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए नारनौलिया फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि मां शीतल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं पुणे ई-स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

फ्यूजन क्लासरुम एडुटेक लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 34 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 7.60 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 4.62 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 10.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 23.10 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 32 लाख रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1.01 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ दोगुने से अधिक के उछाल के साथ 3.43 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 3.92 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 10.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 18.41 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 3.90 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 10.01 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 11.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 1.02 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 4.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 12.99 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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