केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संशोधित खेलो इंडिया योजना को दी मंजूरी, 36,441 करोड़ रुपये होंगे खर्च

31 Jul 2026 16:34:53
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संशोधित खेलो इंडिया योजना को दी मंजूरी


नई दिल्ली, 31 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संशोधित खेलो इंडिया योजना और राष्ट्रीय खेल महासंघों (एएनएसएफ) के लिए बढ़ी हुई सहायता योजना को मंजूरी दे दी। वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए दोनों योजनाओं पर कुल 36,441 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने इसे स्वतंत्रता के बाद देश का सबसे महत्वाकांक्षी खेल विकास कार्यक्रम बताया है।

सरकार के अनुसार, नई खेलो इंडिया योजना का बजट पिछली योजना की तुलना में लगभग आठ गुना अधिक है। इसका उद्देश्य खेलों को युवा विकास, राष्ट्र निर्माण और भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने का प्रमुख आधार बनाना है।

स्कूल से ओलंपिक तक खिलाड़ियों के लिए बनेगा स्पष्ट रास्ता

संशोधित योजना का लक्ष्य देश के हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को स्कूल और गांव के खेल मैदान से लेकर ओलंपिक मंच तक पहुंचाने के लिए एक व्यवस्थित व्यवस्था तैयार करना है। योजना को खेलो भारत नीति-2025 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें खेल, शिक्षा, फिटनेस, तकनीक और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण को एक साथ जोड़ा गया है। साथ ही 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और भारत की ओलंपिक व पैरालंपिक मेजबानी की महत्वाकांक्षा को भी ध्यान में रखा गया है।

नई संस्थाएं और स्कूलों में खेलों को बढ़ावा

योजना के तहत राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई), खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र, भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र, खेलो इंडिया मान्यता प्राप्त अकादमियां, खेलो इंडिया केंद्र और सशस्त्र बलों की युवा खेल कंपनियों को एकीकृत कर देशभर में मजबूत खेल तंत्र विकसित किया जाएगा।

स्कूल स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान के लिए पहली बार खेलो इंडिया फीडर स्कूल (केआईएफएस) और खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय (केआईयूवी) शुरू किए जाएंगे, जिससे शिक्षा के साथ खेलों को भी समान महत्व मिलेगा।

खिलाड़ियों की संख्या में होगा बड़ा विस्तार

सरकार ने मौजूदा खेलो इंडिया एथलीट कार्यक्रम के साथ इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट (ई-केआईए) श्रेणी भी शुरू करने का फैसला किया है। इससे संगठित खेल विकास प्रणाली में शामिल खिलाड़ियों की संख्या लगभग दस गुना तक बढ़ जाएगी। प्रतिभा पहचान समितियां, टैलेंट स्काउट, हाई परफॉर्मेंस निदेशक और प्रबंधक देशभर में खिलाड़ियों की पहचान और निगरानी करेंगे।

अधिक प्रतियोगिताएं और महिलाओं व पैरा खिलाड़ियों पर जोर

योजना के तहत स्कूल, विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय और विभिन्न खेलों की लीगों के साथ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा। महिलाओं, पैरा खिलाड़ियों, स्वदेशी खेलों तथा सामाजिक समावेशन को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय खेलों और भारत में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन को भी समर्थन मिलेगा।

फिट इंडिया अभियान और आधुनिक तकनीक पर फोकस

फिट इंडिया आंदोलन का दायरा बढ़ाकर युवाओं में फिटनेस संस्कृति को प्रोत्साहित किया जाएगा। महिलाओं की भागीदारी, सीमावर्ती और दूरदराज के क्षेत्रों में खेलों का विस्तार तथा नशामुक्ति जैसे अभियानों को भी इससे जोड़ा जाएगा।

कोचों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय कोच मान्यता बोर्ड (एनसीएबी) बनाया जाएगा। वहीं खिलाड़ियों का डाटा, प्रतियोगिताएं, खेल ढांचा, कोचिंग संसाधन और फंडिंग को जोड़ने वाला एक एकीकृत डिजिटल स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म भी विकसित किया जाएगा।

राष्ट्रीय खेल महासंघों को भी मिलेगी मजबूत सहायता

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय खेल महासंघ सहायता योजना (एएनएसएफ) को भी 2026-31 के लिए मंजूरी दी है। इसके तहत खिलाड़ियों और टीमों को कोचिंग, खेल विज्ञान, आधुनिक उपकरण, विदेशी प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी, विदेशी विशेषज्ञों की सेवाएं और प्रशिक्षण शिविरों के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। साथ ही ग्लोबल साउथ देशों के साथ खेल सहयोग और भारतीय पारंपरिक खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा।

सरकार का कहना है कि संशोधित खेलो इंडिया योजना केवल एक खेल कार्यक्रम नहीं बल्कि 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक राष्ट्रीय मिशन है, जो देश के युवाओं को अवसर, उत्कृष्टता और वैश्विक स्तर पर सफलता का मंच उपलब्ध कराएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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