मध्य प्रदेश के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर ने हासिल किया अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन

04 Jul 2026 18:48:53
एमपी ट्रांसको का जबलपुर स्थित राज्य भार प्रेषण केंद्र (फाइल फोटो)


- पावर सेक्टर मे इस उपलब्धि से प्रदेश की प्रतिष्ठा मे हुई वृद्धि : ऊर्जा मंत्री तोमर

इंदौर, 04 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के जबलपुर स्थित राज्य भार प्रेषण केंद्र (एसएलडीसी) को सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के लिए आईएसओ/आईईसी 27001:2022 अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन प्राप्त हुआ है।

मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शनिवार को बताया कि देश के बड़े राज्य भार प्रेषण केंद्रों में यह प्रमाणन प्राप्त करने वाला मध्य प्रदेश एसएलडीसी, जबलपुर अग्रणी सेंटर है। यह प्रमाणन दिल्ली स्थित संस्था क्वालिटी एशिया सर्टिफिकेशन द्वारा विस्तृत मूल्यांकन एवं ऑडिट के उपरांत प्रदान किया गया है। मूल्यांकन में स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर की सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली को आईएसओ/आईईसी 27001:2022 की आवश्यकताओं के अनुरूप पाया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को गर्वित करने वाली इस उपलब्धि से पावर सेक्टर मे प्रदेश की प्रतिष्ठा भी बढ़ी है।

डिजिटल प्रणालियों पर निर्भर है ग्रिड

तोमर ने बताया कि वर्तमान में विद्युत ग्रिड संचालन पूर्णतः डिजिटल प्रणालियों एवं संचार नेटवर्क पर निर्भर है। ऐसे में सूचना सुरक्षा, साइबर सुरक्षा तथा परिचालन आंकड़ों की गोपनीयता एवं उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। यह प्रमाणन स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर, जबलपुर में सूचना सुरक्षा जोखिमों के प्रबंधन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं को परखने के बाद जारी किया गया है। इससे मध्य प्रदेश की विद्युत प्रणाली के संचालन में सूचना सुरक्षा के मानक और सुदृढ़ होने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर एमपी ट्रांसको को नई पहचान मिली है।

रियल टाइम ग्रिड आपरेशन से लेकर आपरेशनल टेक्नोलॉजी को परखा गया

अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने जानकारी दी कि इस प्रमाणन के दायरे में स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के समस्त कार्मिक (नियमित एवं आउटसोर्स कर्मचारी), प्रक्रियाएं तथा सूचना परिसंपत्तियां सम्मिलित हैं। इसके अंतर्गत रियल टाइम ग्रिड आपरेशन (वास्तविक समय ग्रिड संचालन) विद्युत प्रणाली की शेड्यूलिंग, निगरानी एवं नियंत्रण, संचार व्यवस्था, आईएसडी एवं आईएसपी से संबंधित गतिविधियां तथा संपूर्ण आपरेशनल टेक्नोलॉजी एवं आई टी (सूचना प्रौद्योगिकी) अवसंरचना शामिल है, जिन्हें प्रमाणन जारी करने से पहले सूक्ष्मता से परखा गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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