राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाईः आलोक कुमार

04 Jul 2026 13:26:53

सौरव राय

नई दिल्ली, 04 जुलाई (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

आलोक कुमार ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में कहा कि इस घटना ने पूरे हिंदू समाज को गहरा आघात पहुंचाया है और संगठन शुरू से ही निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग करता रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना की जानकारी मिलते ही संगठन ने एफआईआर दर्ज करने, अनुभवी अधिकारियों से जांच कराने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की थी, ताकि जल्द से जल्द सच्चाई सामने आ सके।

चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को बचाने के आरोपों पर विहिप अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संगठन किसी भी व्यक्ति को बचाने के पक्ष में नहीं है। उनका कहना था कि जिन-जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उन सभी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी ने संज्ञेय अपराध किया है तो कानून के अनुसार उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

मंदिर की व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच आलोक कुमार ने माना कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत प्रशासनिक और तकनीकी व्यवस्था आवश्यक है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर का संचालन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास करता है। उनका सुझाव है कि आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, पारदर्शी प्रक्रियाएं और अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति जैसे कदम उठाए जाएं ताकि चढ़ावे का एक-एक रुपया सुरक्षित रहे।

चंपत राय के कथित बयानों और उन पर लगे आरोपों के संबंध में विहिप ने संयमित रुख अपनाया।

विहिप ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है और जांच पूरी होने से पहले किसी के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि यदि जांच में किसी की लापरवाही या अपराध सिद्ध होता है तो उसे किसी भी स्थिति में क्षमा नहीं किया जाना चाहिए।

न्यास को भंग करने की मांग पर विहिप का मत है कि कुछ व्यक्तियों पर लगे आरोपों के आधार पर पूरे न्यास को भंग कर देना उचित नहीं होगा। संगठन का कहना है कि बाकी न्यासी प्रतिष्ठित संत और सम्मानित व्यक्ति हैं।

आलोक कुमार ने कहा कि करोड़ों रामभक्तों का विश्वास बनाए रखने का एकमात्र रास्ता यही है कि जांच पूरी पारदर्शिता से हो, दोषियों को सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अचूक व्यवस्था लागू की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / सौरव राय

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