
नई दिल्ली, 04 जुलाई (हि.स.)।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एफआईएच प्रो लीग 2025-26 का समापन शानदार प्रदर्शन के साथ किया। टीम ने यूरोपीय चरण में मौजूदा विश्व चैंपियन जर्मनी और पेरिस ओलंपिक 2024 की स्वर्ण पदक विजेता नीदरलैंड को हराया, जबकि दुनिया की तीसरे नंबर की टीम इंग्लैंड के खिलाफ दोनों मुकाबलों में कड़ी टक्कर दी। इन प्रदर्शनों ने यह संकेत दिया कि भारतीय टीम विश्व कप और एशियाई खेलों जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले सही समय पर अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल कर रही है।
भारतीय टीम का यह सफर तीन अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ा। राउरकेला में खेले गए घरेलू चरण में भारत को बेल्जियम और अर्जेंटीना के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद टीम ने अपनी कमजोरियों पर काम किया और होबार्ट चरण में सुधार के स्पष्ट संकेत दिए।
होबार्ट में भारत ने शुरुआत स्पेन के खिलाफ 0-2 की हार से की, लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-2 और स्पेन के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला। हालांकि दोनों मुकाबलों के शूटआउट में भारत को हार मिली। अंतिम मुकाबले में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-1 की बराबरी के बाद शूटआउट 3-1 से जीतकर आत्मविश्वास हासिल किया।
होबार्ट चरण में भारतीय रक्षा पंक्ति ने खासा प्रभाव छोड़ा। चार मुकाबलों में टीम ने केवल छह गोल खाए, जिनमें तीन पेनल्टी कॉर्नर और तीन फील्ड गोल शामिल थे। वहीं आक्रमण में भी सुधार देखने को मिला, जहां टीम ने दो फील्ड गोल और दो पेनल्टी कॉर्नर गोल किए।
जून में यूरोप चरण शुरू होने तक भारतीय टीम का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया। रॉटरडैम में भारत ने जर्मनी को 3-1 और नीदरलैंड को 3-2 से हराकर टूर्नामेंट के सबसे यादगार नतीजे दर्ज किए। दुनिया की दो मजबूत रक्षात्मक टीमों के खिलाफ भारत ने चार मैचों में नौ गोल किए, जिनमें पांच फील्ड गोल और चार पेनल्टी कॉर्नर शामिल रहे। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि भारतीय टीम अब केवल पेनल्टी कॉर्नर पर निर्भर नहीं है, बल्कि खुले खेल में भी लगातार मौके बनाकर गोल करने में सफल हो रही है।
लंदन चरण में भी भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। पाकिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए चारों मुकाबलों में भारत निर्धारित समय में अपराजित रहा। टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ दोनों मैच जीते, जिनमें एक मुकाबले में 7-1 की बड़ी जीत दर्ज की। इंग्लैंड के खिलाफ दोनों मैच ड्रॉ रहे, जिनमें से एक शूटआउट भारत ने अपने नाम किया।
लंदन चरण में भारत ने चार मैचों में कुल 13 गोल किए। इनमें सात फील्ड गोल, पांच पेनल्टी कॉर्नर और एक पेनल्टी स्ट्रोक से आया। वहीं रक्षा पंक्ति ने केवल छह गोल खाए, जिनमें सिर्फ एक फील्ड गोल था।
यूरोपीय चरण में भारत के लिए सबसे अधिक चार-चार गोल दिलप्रीत सिंह और जुगराज सिंह ने किए। अभिषेक, सुखजीत सिंह और नीलकांत शर्मा ने तीन-तीन गोल किए। कई खिलाड़ियों का गोल करना इस बात का संकेत है कि टीम का आक्रमण अब पहले से अधिक संतुलित और मजबूत हो चुका है।
भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने हॉकी इंडिया के हवाले से कहा,इस प्रो लीग अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि टीम का बढ़ता आत्मविश्वास रहा। जर्मनी और नीदरलैंड जैसी टीमों को हराना और इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन यह साबित करता है कि यदि हम अपनी रणनीति पर अमल करें तो दुनिया की किसी भी टीम को चुनौती दे सकते हैं। विश्व कप और एशियाई खेलों से पहले यह हमारे लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। हालांकि हमें अभी भी अपने प्रदर्शन में और निरंतरता लानी होगी।
उन्होंने आगे कहा कि टीम मानसिक रूप से भी पहले से अधिक मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा, खिलाड़ियों ने दबाव की परिस्थितियों में संयम बनाए रखा, अलग-अलग शैली की टीमों के खिलाफ खुद को ढाला और करीबी मुकाबलों में जीत हासिल की। यही अनुभव विश्व कप और एशियाई खेलों में हमारे काम आएगा।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा,
इस प्रो लीग अभियान ने हमें काफी आत्मविश्वास दिया है क्योंकि हमने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। बड़ी टीमों को हराना हमेशा विशेष होता है, लेकिन इससे भी ज्यादा अहम यह है कि हमारी मेहनत रंग ला रही है। हम इस आत्मविश्वास को विश्व कप और एशियाई खेलों में भी बनाए रखना चाहते हैं।
हरमनप्रीत ने कहा कि टीम के हर विभाग ने अच्छा प्रदर्शन किया।
हमारी रक्षा मजबूत रही, मिडफील्ड ने खेल को नियंत्रित किया और फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने लगातार मौके बनाकर फील्ड गोल किए। टीम का संतुलित प्रदर्शन हमें आत्मविश्वास देता है, हालांकि अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार की गुंजाइश है।
हालांकि अंतिम अंकतालिका भारतीय टीम के पूरे प्रदर्शन को पूरी तरह नहीं दर्शाती, लेकिन प्रो लीग के दौरान टीम ने जिस तरह लगातार सुधार किया, उसने यह साबित कर दिया कि भारत बड़े टूर्नामेंटों से पहले सही समय पर अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल कर रहा है। विश्व कप और एशियाई खेलों की तैयारी के लिहाज से यह अभियान भारतीय टीम के लिए आत्मविश्वास और विश्वास दोनों लेकर आया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे