(अपडेट) आस्था स्पिनटेक्स ने निवेशकों को किया निराश, कमजोर लिस्टिंग के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद हुए शेयर

06 Jul 2026 16:01:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 06 जुलाई (हि.स.)। कॉटन यार्न का प्रोडक्शन करने वाली कंपनी आस्था स्पिनटेक्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में गिरावट के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 136 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 4.41 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 130 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद इस शेयर की चाल में लगातार उतार चढ़ाव होता रहा। लिवाली का सपोर्ट मिलने पर कुछ देर के लिए ये शेयर उछल कर 136.50 के अपर सर्किट लेवल तक भी पहुंचा। हालांकि बाद में बिकवाली शुरू हो जाने पर इसका अपर सर्किट ब्रेक हो गया। पूरे दिन के कारोबार के बाद आस्था स्पिनटेक्स के शेयर 136.49 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह डिस्काउंट लिस्टिंग होने के बावजूद पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 49 पैसे यानी 0.36 प्रतिशत के मामूली मुनाफे में रहे।

आस्था स्पिनटेक्स का 170 करोड़ रुपये का आईपीओ 29 जून से एक जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 5.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 3.59 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 8.29 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.54 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व पोर्शन 5.43 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1.25 करोड़ नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 16.29 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 22.92 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 17.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 239.69 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 305.67 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 352.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 314.02 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 32.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 49.07 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 91.12 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 121.47 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 60.01 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 76.38 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 121.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 153.18 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 11.60 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 34.25 करोड़ रुपये और 2024-25 में 46.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 35.25 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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