
वॉशिंगटन/रोम, 06 जुलाई (हि.स.)। तुर्की में सात जुलाई (मंगलवार) से शुरू होने वाले नॉर्थ अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के बीच सार्वजनिक बयानबाजी और सोशल मीडिया पर छिड़ा विवाद फिर सुर्खियों में आ गया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर मेलोनी की एक संपादित (एडिटेड) तस्वीर साझा करते हुए लिखा, रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर (दूर रहने का आदेश) की जरूरत है। इस पोस्ट के बाद इटली में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।
यह विवाद पिछले महीने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के बाद शुरू हुआ था। ट्रंप ने दावा किया था कि मेलोनी उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए बार-बार आग्रह कर रही थीं। मेलोनी ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह मनगढ़ंत बताया था। उन्होंने कहा था कि न तो वह और न ही इटली किसी के सामने गिड़गिड़ाता है। उनके अनुसार, किसी भी मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंध की नींव ईमानदारी, पारस्परिक सम्मान और विश्वास पर आधारित होती है।
रविवार को ट्रंप ने उसी विवाद को फिर हवा देते हुए सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें मेलोनी उन्हें प्रशंसात्मक नजरों से देखती दिखाई दे रही हैं। तस्वीर के साथ उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर की जरूरत है लिख दिया। यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात प्रस्तावित है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हाल के सप्ताहों में दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर मतभेद भी सामने आए हैं। इनमें ईरान को लेकर अमेरिका की नीति पर इटली का खुला समर्थन नहीं करना और 14वें पोप लियो से संबंधित ट्रंप की टिप्पणियों पर मेलोनी की सार्वजनिक आलोचना प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के संबंधों में कुछ तनाव देखा गया है।
इसका असर कूटनीतिक स्तर पर भी दिखाई दिया। इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा रद्द कर दी गई, जहां उन्हें अमेरिका-इटली बिजनेस फोरम में भाग लेना था। हालांकि, दोनों देशों की सरकारें सार्वजनिक तौर पर द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाए रखने का प्रयास करती नजर आ रही हैं।
हाल ही में रोम स्थित अमेरिकी दूतावास में अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने कहा कि इटली और अमेरिका की दोस्ती किसी भी विवाद से अधिक मजबूत है। वहीं, इटली में अमेरिका के राजदूत टिलमैन फर्टिटा ने प्रधानमंत्री मेलोनी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रभावी नेतृत्व दिया है और वैश्विक स्तर पर इटली की भूमिका को मजबूत किया है।
ट्रंप की ताजा सोशल मीडिया पोस्ट की इटली के विपक्षी दलों ने भी कड़ी आलोचना की है। पूर्व आर्थिक विकास मंत्री और 'एज़ियोन' पार्टी के नेता कार्लो कैलेन्डा ने इसे एक मित्र देश की प्रधानमंत्री के प्रति असम्मानजनक टिप्पणी बताते हुए मेलोनी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गरिमा से जुड़े मामलों में पूरे इटली को एकजुट रहना चाहिए।
अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं, जहां डोनाल्ड ट्रंप और जियोर्जिया मेलोनी की संभावित मुलाकात हालिया विवाद और दोनों देशों के संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी