असम में भारत-बांग्लादेश की खुली सीमा 38.959 किमी : अतुल बोरा

08 Jul 2026 18:17:53
असम विधानसभा


गुवाहाटी, 08 जुलाई (हि.स.)। असम में भारत-बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई 267 किमी है। अभी भी असम में भारत-बांग्लादेश की खुली सीमा 38.959 किमी है। जिसमें दुर्गम पहाड़ी एवं नदी के क्षेत्र शामिल हैं। शेष हिस्से पर बाड़बंदी का कार्य पूरी हो चुका है।

ये बातें बुधवार काे असम विधानसभा के बजट के तीसरे दिन प्रश्नोत्तर काल के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक प्रकाश चंद्र दास के द्वारा असम समझौता को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में असम समझौता क्रियान्वयन विभाग के मंत्री अतुल बोरा कही।

उल्लेखनीय है कि, प्रकाश चंद्र दास ने असम समझौता होने के पश्चात समझौता में शामिल क्लाज के क्रियान्वयन के लिए क्या-क्या कदम उठाये गये हैं। साथ ही अभी तक कौन-कौन से क्लाज अपूर्ण हैं।

मंत्री बोरा ने कहा कि असम समझौते के तहत अधिकांश क्लाज को क्रियान्वित किया जा चुका है। इस संबंध में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के संबंधित विभाग समय-समय पर क्लाज को क्रियान्वित करने के लिए काम कर रहे हैं।

मंत्री बोरा ने कहा कि समझौता के क्लाज 6 के क्रियान्वयन के लिए गठित बिप्लव शर्मा आयोग के प्रतिवेदन के परामर्श के अनुसार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इससे संबंधित विभाग विभाग और ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) के साथ कई बार चर्चा हुई है। आयोग ने कुल 67 परामर्श चिह्नित किया है, जिसमें राज्य सरकार स्वतंत्र रूप से 52 परामर्श को क्रियान्वित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 वित्तीय वर्ष के बजट में घोषित परामर्श को त्वरित गति से क्रियान्वयन की व्यवस्था को सरकार ने हाथ में लिया है।

उन्होंने बताया कि 67 परामर्श में से से 40 को राज्य सरकार अपने स्तर पर कर सकती है, जबकि 12 को राज्य और केंद्र सरकार मिलकर कर सकते हैं, साथ ही 15 परामर्श केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने बताया कि 40 और 12 कुल मिलकर 52 परामर्श को पूरा करने के लिए कार्य किये जा रहे हैं। जबकि, 15 परामर्श के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।

सीमा के जरिए होने वाले घुसपैठ का जवाब देते हुए मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि असम में भारत-बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई 267 किमी है। अभी भी असम में भारत-बांग्लादेश की खुली सीमा 38.959 किमी है। जिसमें पहाड़ी एवं नदी के क्षेत्र शामिल हैं। शेष हिस्से पर बाड़बंदी का कार्य पूरी हो चुका है। उन्होंने बताया कि श्रीभूमि जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा 98.30 किमी, कछार में 27 किमी और धुबड़ी में 141 किमी है। उन्होंने बताया कि अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा पर निगरानी चौकी, नदियों में पेट्रोलिंग बोट, वाच टावर, सीसीटीवी, सीआईबीएमएस फ्लड लाइट आदि के जरिए बीएसएफ कड़ी निगरानी कर रहे हैं। वहीं अवैध घुसपैठ करने वालों को पुशबैक के जरिए भी निकाला जा रहा है।

अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर चर्चा के दौरान कई विधायकों ने हिस्सा लेते हुए सरकार के द्वारा उठाए गये कदमों पर सवाल पूछा। इसी बीच राइजर दल के विधायक अखिल गोगोई ने भी न सिर्फ सवाल पूछा, बल्कि मंत्री अतुल बोरा के साथ वाद-विवाद शुरू कर दिया।

हंगामा कर रहे अखिल गोगोई को विधानसभा अध्यक्ष ने अपने आसन पर बैठने को कहा, लेकिन अखिल लगातार बोलते रहे। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि मंत्री दूसरे विधायक के सवाल का जवाब दे रहे हैं, ऐसे में आपको नहीं बोलना चाहिए, बावजूद अखिल बोलते रहे, इस पर अध्यक्ष ने कहा कि अगर मंत्री की बात को किसी विधायक को नहीं सुनना है तो वह सदन से बाहर जा सकते हैं, इस तरह उसे मंत्री की बात सुनाई नहीं देगी। अध्यक्ष के इस जवाब से नाराज अखिल गोगोई बिना देरी किये तुरंत सदन से बाहर निकल गये। बाहर निकलकर अखिल मीडिया के जरिए अपने मन की जमकर भड़ास निकाली।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

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