
नई दिल्ली, 08 जुलाई (हि.स.)।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक में ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के माध्यम से देशभर की महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के उत्पादों और उद्यमों का प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शनी बुधवार को कोच्चि में आयोजित की जा रही है जो गुरुवार तक चलेगी।
प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने किया। इस दौरान ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया सहित कई देशों के मंत्री और प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के पवेलियन का दौरा कर महिला उद्यमियों के उत्पादों का अवलोकन किया।
प्रदर्शनी में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्टॉल लगाए गए हैं। साथ ही राष्ट्रीय सरस आजीविका गैलरी में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, पारंपरिक कलाकृतियां, प्राकृतिक खाद्य पदार्थ, वेलनेस उत्पाद और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
गैलरी में ‘सरस शक्ति कलेक्शन’ भी आकर्षण का केंद्र है, जिसमें महिला समूहों द्वारा तैयार उच्च गुणवत्ता वाले हस्तनिर्मित उपहार उत्पादों को ब्रांडेड रूप में प्रदर्शित किया गया है। इसका उद्देश्य इन उत्पादों को सरकारी और संस्थागत बाजारों तक पहुंचाना है।
प्रदर्शनी में मधुबनी पेंटिंग, ढोकरा एवं बेल मेटल शिल्प, पेन कलमकारी, फुलकारी कढ़ाई, टोडा कढ़ाई, कांथा कला, कच्छी शिल्प, चन्नापटना खिलौने और ऐपण कला सहित देश की विभिन्न पारंपरिक कलाओं को भी प्रदर्शित किया गया है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, यह प्रदर्शनी देशभर के 10 करोड़ से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, ग्रामीण उद्यमिता और भारत की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। साथ ही इसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, समावेशी विकास और ग्रामीण आजीविका को नई पहचान देना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी