अमेरिकी जांच में पकड़े जाने पर पंजाब पुलिस के एसएचओ को पुलिस लाइंस भेजा गया, विभागीय जांच शुरू

08 Jul 2026 17:08:53
एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा


एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा


- टांडा थाने के तत्कालीन एसएचओ ने हत्या केस में फंसाने की धमकी देकर मांगे थे चार लाख डॉलर

चंडीगढ़, 08 जुलाई (हि.स.)। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने पंजाब पुलिस के होशियारपुर जिले के टांडा थाने के तत्कालीन एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा पर अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के एक परिवार से 4 लाख डॉलर (करीब 3.3 करोड़ रुपये) की कथित रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। एफबीआई का दावा है कि परिवार को भारत में एक झूठे हत्या के मामले में फंसाने की धमकी देकर यह रकम मांगी गई।

मामले के सार्वजनिक होने के बाद पंजाब पुलिस ने नागरा को पुलिस लाइंस भेज दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी है। एफबीआई ने अपनी लॉस एंजिलिस इकाई के माध्यम से जारी दस्तावेज और वीडियो बयान में आरोप लगाया है कि गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के परिवार को पंजाब में दर्ज एक हत्या के मामले में आरोपी बनाने की धमकी देकर 4 लाख डॉलर की मांग की थी। हालांकि, अमेरिकी एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये अभी आरोप हैं और मामले की जांच जारी है।

एफबीआई के अभियोग (इंडाइटमेंट) के अनुसार यह कथित साजिश पंजाब के होशियारपुर जिले के मियानी गांव में 15 जनवरी, 2026 को हुए बलविंदर सिंह हत्याकांड से जुड़ी है। इस मामले में टांडा थाने में हत्या, हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। एजेंसी का आरोप है कि अप्रैल, 2026 में अमेरिका के कैलिफोर्निया के स्टॉकटन शहर में रह रहे और कथित तौर पर भगवानपुरिया गैंग से जुड़े एक व्यक्ति ने अमेरिकी परिवार की जानकारी पंजाब पुलिस अधिकारी तक पहुंचाई। इसके बाद कथित रूप से हत्या के मामले का इस्तेमाल परिवार पर दबाव बनाने और रंगदारी मांगने के लिए किया गया। एफबीआई के मुताबिक 13 अप्रैल को अधिकारी ने परिवार के मुखिया से संपर्क कर पूरे परिवार को हत्या के मामले में नामजद करने की धमकी दी और 16 अप्रैल को 4 लाख डॉलर की मांग की।

जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए गुरिंदरजीत सिंह नागरा को पुलिस लाइंस भेज दिया गया है। विभागीय जांच होशियारपुर से बाहर स्थानांतरित कर जालंधर के एसपी (डिटेक्टिव) विनीत अहलावत को सौंपी गई है, जिन्हें जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

टांडा के डीएसपी दविंदर सिंह ने कहा कि पंजाब पुलिस को इस मामले में एफबीआई की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यह भी संभव है कि हत्या के मामले में नामजद आरोपियों ने भारत में कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अमेरिकी एजेंसी का रुख किया हो। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। एफबीआई की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी किसी अदालत में नहीं हुई है और सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

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