
ढाका, 09 जुलाई (हि.स.)। दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश में तेज बारिश के दौरान एक मदरसे पर दरकी पहाड़ी का मलबा गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई। इनमें सात छात्राएं और एक शिक्षक शामिल हैं। यह भू-स्खलन बुधवार दोपहर उखिया में ए-3 ब्लाक स्थित रोहिंग्या कैंप-पांच में लड़कियों के हिफ्ज मदरसे में हुआ। हादसे में मदरसे की दीवार ढह गई। हादसे के वक्त करीब 40 बच्चियां कक्षा में मौजूद थीं।
प्रोथोम अलो और ढाका ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, दमकल विभाग की टीम, आर्म्ड पुलिस बटालियन के जवानों, रोहिंग्या स्वयंसेवकों व अन्य ने बचाव अभियान चलाकर देरशाम मलबे से 13 लोगों को बाहर निकाला। इनमें से आठ को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य को गंभीर अवस्था में अस्पतालों में ले जाया गया।
शरणार्थी राहत और प्रत्यावर्तन आयुक्त मोहम्मद मिजानुर रहमान ने बताया कि चार पीड़ितों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई और चार अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मारी गई बच्चियों में से दो एक ही परिवार की हैं। अतिरिक्त उप पुलिस महानिरीक्षक सिराज अमीन ने कहा कि मरने वालों में से चार की पहचान राशिदा बेगम (13), उम्मे नेजातुल (13),उम्मे सलमा (12) और उमाइसा बीबी (13) के रूप में हुई है। असरा बेगम (9), बेगम जान (15) और फरेसा बीबी (12) का इलाज कुतुपालोंग फ्रेंडशिप हॉस्पिटल में चल रहा है। 30 छात्राओं को बचा लिया गया है।
इस बीच कॉक्स बाजार में बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। बाढ़ का पानी निचले इलाकों में भर गया है। परिवहन संसाधन ठप हो गया है। पूरे जिले में भू-स्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो दिनों में कॉक्स बाजार में भू-स्खलन की घटनाओं में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है। खराब मौसम के कारण चटगांव में भी लोगों की जान गई है।
अधिकारियों के अनुसार, रंगुनिया में मंगलवार को एक पहाड़ी का कुछ हिस्सा ढहने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि पंचलाइश पुलिस स्टेशन के तहत रहमान नगर में एक दीवार गिरने से एक युवक की मौत हो गई। सीताकुंड के जंगल सलीमपुर इलाके में बुधवार सुबह मिट्टी के नीचे दबने से 10 महीने के एक बच्चे की मौत हो गई। पंचलाइश के चश्मा हिल में हुए भू-स्खलन में 12 साल की एक लड़की की मौत हो गई। अधिकारियों का कहना है कि अकेले चटगांव शहर में 26 ऐसी पहाड़ियां हैं जो बहुत ज्यादा जोखिम वाली हैं। इनमें से 16 सरकारी और 10 निजी हैं। इन इलाकों में 6,500 से ज्यादा परिवार रहते हैं।
चटगांव के जिला उपायुक्त मोहम्मद जाहिदुल इस्लाम मियां ने कहा कि जिला प्रशासन ने जोखिम वाली पहाड़ियों को पांच निगरानी जोन में बांटा है। इसके लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट, सहायक आयुक्त (भूमि) और लगभग 150 स्वयंसेवकों को तैनात किया है। इन इलाकों में मुनादी की जा रही है कि लोग अस्थिर पहाड़ी ढलानों पर न रहें। कॉक्स बाजार में रोहिंग्या परिवारों के लिए अस्थाई राहत शिविर खोले गए हैं। खराब मौसम ने पूरे इलाके में परिवहन व्यवस्था को बाधित कर दिया है। रेल पटरियां पानी में डूब चुकी हैं। चटगांव-कॉक्स बाजार रेलवे पर ट्रेन सेवा बंद हैं। समुद्र में तेज लहरों के कारण टेकनाफ-सेंट मार्टिन रूट पर फेरी सेवाएं भी रोक दी गई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद