सीबीआई-डीआरआई की संयुक्त कार्रवाई में वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 53 दुर्लभ जीव-जंतु बरामद

युगवार्ता    09-Jul-2026
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सीबीआई और डीआरआई की संयुक्त कार्रवाई में बरामद किए गए संरक्षित वन्यजीव एवं पक्षी।


सीबीआई और डीआरआई की संयुक्त कार्रवाई में बरामद किए गए संरक्षित वन्यजीव एवं पक्षी।


सीबीआई और डीआरआई की संयुक्त कार्रवाई में बरामद किए गए संरक्षित वन्यजीव एवं पक्षी।


सीबीआई और डीआरआई की संयुक्त कार्रवाई में बरामद किए गए संरक्षित वन्यजीव एवं पक्षी।


सीबीआई और डीआरआई की संयुक्त कार्रवाई में बरामद किए गए संरक्षित वन्यजीव एवं पक्षी।


नई दिल्ली, 09 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और राजस्व खुफिया निदेशालय(डीआरआई) ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) के सहयोग से महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में संयुक्त अभियान चलाकर अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान 53 संरक्षित वन्यजीवों और पक्षियों को बरामद कर सुरक्षित बचाया गया, जबकि छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

सीबीआई ने गुरुवार को बताया कि बरामद वन्यजीवों में 15 स्लो लोरिस, दो बिंटूरोंग, 28 स्टार कछुए, छह मिस्री गिद्ध (इजिप्शियन वल्चर) और दो शिकरा पक्षी शामिल हैं। ये सभी वन्यजीव और पक्षी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल हैं, जिन्हें भारत में सर्वोच्च स्तर का संरक्षण प्राप्त है।

एजेंसी के अनुसार डीआरआई मुंबई द्वारा विकसित विशेष खुफिया सूचना के आधार पर महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्थानों पर यह संयुक्त कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि एक अंतरराज्यीय गिरोह देश के विभिन्न हिस्सों से संरक्षित वन्यजीवों को जुटाकर उनकी अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल था।

सीबीआई ने सात और आठ जुलाई को इस मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कीं। कार्रवाई के दौरान मुंबई से नोमान खान, मोहम्मद फारूक और इंशा शकील को गिरफ्तार किया गया, जबकि कोलकाता से सैकत बिस्वास, मिथुन मंडल उर्फ हिमांशु मंडल और अर्जुन मंडल को पकड़ा गया।

मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में दर्ज किया गया है। प्रारंभिक कानूनी कार्रवाई के बाद बरामद वन्यजीवों और पक्षियों को सुरक्षित संरक्षण एवं देखभाल के लिए महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के वन विभागों को सौंप दिया गया है।

सीबीआई ने कहा कि यह कार्रवाई वन्यजीव तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने और वन्यजीव संरक्षण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित प्रयास का उदाहरण है। मामले की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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