नेपाल में दलाई लामा के जन्मदिन कार्यक्रम पर चीन में नेपाली ७ पूर्व राजदूतों ने जताया विरोध

युगवार्ता    09-Jul-2026
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चीन में नेपाल के राजदूत


काठमांडू, 09 जुलाई (हि.स.)। नेपाल के नागार्जुन स्थित नामग्याल विद्यालय में 14वें दलाई लामा के 91वें जन्मदिन के आयोजन और उसमें विदेशी राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी को लेकर चीन में नेपाल के पूर्व राजदूतों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। पूर्व राजदूतों ने नेपाल सरकार से आग्रह किया है कि वह लंबे समय से अपनाई जा रही 'एक चीन नीति' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का दृढ़ता से पालन करें।

चीन में नेपाल के राजदूत रहे राजेश्वर आचार्य, महेश मास्के, महेन्द्र पांडे, लीलामणि पौडेल, टंक कार्की, विष्णु पुकार श्रेष्ठ और कृष्णप्रसाद ओली सहित पूर्व राजदूतों ने आज सुबह एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि नेपाल हमेशा से 'एक चीन नीति' का पालन करता आया है और उसने बार-बार यह प्रतिबद्धता दोहराई है कि उसकी भूमि का उपयोग किसी भी मित्र राष्ट्र के खिलाफ होने वाली गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हाल ही में विदेश मंत्री शिशिर खनाल की चीन यात्रा के दौरान भी नेपाल ने इसी प्रतिबद्धता को दोहराया था। ऐसे में यदि यह कार्यक्रम सरकार की सहमति से आयोजित हुआ है, तो इससे नेपाल और चीन के बीच कूटनीतिक संबंध स्थापित होने के बाद से लगातार अपनाई जा रही 'एक चीन नीति' के विपरीत संदेश जाएगा। संयुक्त वक्तव्य में सवाल उठाया गया कि क्या नेपाल की 'एक चीन नीति' के प्रति प्रतिबद्धता में कोई बदलाव आया है? क्या हमने अपने पड़ोसी देशों के प्रति अपनी विदेश नीति बदल दी है?

पूर्व राजदूतों ने चेतावनी दी कि इस प्रकार की गतिविधियां नेपाल द्वारा वर्षों से बनाए गए भू-राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं और देश की स्थिरता, विकास तथा स्वतंत्रता के लिए प्रतिकूल साबित हो सकती हैं। वक्तव्य में कहा गया कि ऐसी गतिविधियां हमारे देश की स्थिरता, विकास और स्वतंत्रता के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं। इसलिए हम नेपाल सरकार तथा सभी संबंधित पक्षों से सतर्क और सजग रहने की अपील करते हैं। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसकी सुनिश्चितता करने और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में आवश्यक संवेदनशीलता बरतने का अनुरोध करते हैं।

पूर्व राजदूतों ने इस बात पर भी जोर दिया कि नेपाल सरकार को अपनी घोषित विदेश नीति के प्रति दृढ़ रहकर नेपाल–चीन संबंधों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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