ईरानी फोटो पत्रकार को 15 साल की जेल की सजा, इजराइल-अमेरिका के हित में काम करने का आरोप

10 Aug 2026 23:03:53
ईरानी फोटो जर्नलिस्ट याल्डा मोएरी (फाइल फोटो)


- मानवाधिकार संगठनों ने ईरान में पत्रकारों और मीडिया संस्थानों पर बढ़ते दबाव पर जताई चिंता

तेहरान, 10 अगस्त (हि.स.)। ईरान की चर्चित फोटो पत्रकार याल्दा मोएरी को 15 साल जेल की सजा सुनाई गई है। एक अमेरिकी मानवाधिकार संगठन के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने उन पर इजराइल और अमेरिका के हित में गतिविधियां करने का आरोप लगाया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब मानवाधिकार संगठन ईरान में पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई बढ़ने की बात कह रहे हैं।

मोएरी ने सोशल मीडिया पर अपनी सजा की जानकारी साझा करते हुए 15 साल की जेल की सजा मिलने की पुष्टि की। मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (एचआरएएनए) के मुताबिक, मामले की सुनवाई पिछले महीने तेहरान की रिवोल्यूशनरी कोर्ट में उनकी गैरमौजूदगी में हुई थी।

एचआरएएनए ने मोएरी के हवाले से बताया कि उन पर कथित तौर पर ऐसे काम करने का आरोप लगाया गया, जिन्हें ईरानी अधिकारियों ने इजराइल और अमेरिका के हितों को आगे बढ़ाने वाली गतिविधियों के रूप में देखा। हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों और अदालती प्रक्रिया की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

2022 के प्रदर्शनों के दौरान भी हुई थीं गिरफ्तार

मोएरी लंबे समय से ईरान के सामाजिक और राजनीतिक घटनाक्रमों की तस्वीरें खींचती रही हैं। उन्हें इससे पहले भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स के अनुसार, महसा अमीनी की मौत के बाद 2022 में देशभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान मोएरी को तेहरान में गिरफ्तार किया गया था और बाद में जेल भेजा गया था।

इस साल मार्च में उन्होंने ईरान के भीतर से एक अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में देश की स्थिति, अमेरिकी-इजराइली हमलों और ईरान में इंटरनेट पर लगाई गई पाबंदियों के बीच पत्रकारों के सामने आ रही चुनौतियों के बारे में बात की थी।

पत्रकारों पर बढ़ते दबाव का दावा

ईरान में प्रेस की स्वतंत्रता पर नजर रखने वाले स्वतंत्र मानवाधिकार संगठन डिफेंडिंग फ्री फ्लो ऑफ इन्फॉर्मेशन ने अपनी हालिया रिपोर्ट में पत्रकारिता के क्षेत्र में दबाव की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। संगठन का दावा है कि 2025 में कम से कम 225 पत्रकारों या मीडिया संस्थानों को न्यायिक अथवा सुरक्षा संबंधी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

रिपोर्ट के अनुसार, 25 पत्रकारों या मीडिया अधिकारियों को कुल मिलाकर 30 वर्ष से अधिक की जेल की सजाएं सुनाई गईं, जबकि आठ मीडिया संस्थानों को निलंबित किया गया। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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