

देहरादून, 10 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड के चमोली जिले की नीति घाटी में तमकनाला में अत्यधिक जलप्रवाह के कारण बेली ब्रिज बहने के बाद ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। घटना के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान में जुट गई हैं।
तमकनाला में अचानक बढ़े जलप्रवाह की चपेट में आने से एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के बहने की सूचना है। सूचना मिलते ही प्रशासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं।
123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज अत्यधिक जलप्रवाह के कारण पूरी तरह बह गया। सुरक्षा के दृष्टिगत मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। बचाव दल घटनास्थल पर स्थिति का जायजा लेने के साथ संभावित प्रभावितों की तलाश में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा संवेदनशील इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित मार्ग पर स्थिति सामान्य होने तक आवाजाही प्रतिबंधित रखने और आसपास के गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों समेत आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न होने देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। नदी-नालों और तेज जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को भी कहा गया है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से चमोली समेत प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की 24×7 निगरानी की जा रही है। नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए निचले और नदी किनारे के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने, मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा नहीं करने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय