
नई दिल्ली, 11 अगस्त (हि.स.)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को कोयला घोटाले में उच्चतम न्यायालय से क्लीन चिट मिलने के बाद उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को बदनाम करने की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान अब निरर्थकता के निष्कर्ष पर पहुंच गया है और डॉ. सिंह हर आरोप में बेदाग साबित हुए हैं। डॉ. सिंह की ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड मौजूदा मोदी सरकार के कामकाज से बिल्कुल अलग है।
खरगे ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर डॉ. मनमोहन सिंह को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित लेख को साझा करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह के खिलाफ अभियान सुनियोजित और संगठित था, जिसमें नौकरशाही, मीडिया, न्यायपालिका, नागरिक समाज के साथ-साथ आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोग भी शामिल थे।
खरगे ने कहा कि डॉ. सिंह की सत्यनिष्ठा और जवाबदेही का रिकॉर्ड केंद्र की मोदी सरकार के कामकाज के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार की जांच के लिए बनाई गई ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने वाले नेता भाजपा में शामिल होने के बाद अचानक ‘पाक-साफ’ हो जाते हैं और कुछ मामलों में उन्हें मंत्री पद तक मिल जाता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी डॉ. सिंह के खिलाफ राजनीतिक हमलों में शामिल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने 8 फरवरी, 2017 को राज्यसभा में मोदी की उस टिप्पणी का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने डॉ. सिंह पर ‘रेनकोट पहनकर नहाने’ संबंधी टिप्पणी की थी। उन्होंने इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इन दिनों छात्रों को उनके खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए माफ’ करने की बात कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें डॉ. सिंह के खिलाफ की गई अपनी टिप्पणी के लिए खुद को भी माफ कर देना चाहिए।
खरगे ने कहा कि इतिहास डॉ. मनमोहन सिंह को एक शांत, सौम्य लेकिन बेहद प्रभावशाली प्रधानमंत्री के रूप में याद करेगा। तत्कालीन राजनीतिक आरोपों के बजाय समय के साथ डॉ. सिंह के काम और उनकी विरासत का आकलन अधिक स्पष्ट रूप से होगा।
उच्चतम न्यायालय ने 29 जुलाई को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही बंद करते हुए उन्हें समन जारी करने के आदेश को रद्द कर दिया। मनमोहन सिंह का 27 दिसंबर, 2024 को निधन हो चुका है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली, जिसमें डॉ. सिंह और अन्य आरोपितों को क्लीन चिट दी गई थी। उनके ख़िलाफ़ आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। फैसले के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से माफी मांगने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर