मध्य प्रदेश में भारी बारिश से बिगड़े हालात, 3 दिन में बचाव कार्यों से 527 लोगों की बचाई गई जान

11 Aug 2026 18:55:53
राज्य आपदा कमान एवं नियंत्रण केंद्र के सिचुएशन रूम में बाढ़ की स्थिति की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री


- राज्य आपदा कमान एवं नियंत्रण केंद्र के सिचुएशन रूम पहुंचे मुख्यमंत्री, प्रदेश में बाढ़ की स्थिति का लिया जायज़ा

भोपाल, 11 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में बीते तीन दिन से लगातार हो रही तेज बारिश से कई जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं, जिसके चलते कई गांवों का शहरों से संपर्क टूट गया है। बारिश और बाढ़ के बीच आमजनों को राहत पहुंचाने का कार्य भी जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू टीमों ने अभी तक 527 लोगों की जान बचाई है।

इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल में राज्य आपदा कमान एवं नियंत्रण केंद्र के सिचुएशन रूम पहुंचकर प्रदेश में अतिवृष्टि, जलभराव और बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर जल भराव और बाढ़ की स्थिति से लोगों को बचाने के लिए चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली तथा प्रभावितों और रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे कर्मचारियों और स्थानीय जन से वर्चुअली संवाद किया। सिचुएशन रूम में अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, होमगार्ड निदेशक प्रज्ञा रिचा उपस्थित थी।

मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, स्थानीय जन की पहल को सराहा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एसडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड की त्वरित कार्यवाही के परिणाम स्वरुप 527 लोगों की जान बचाई जा सकी। यह पुलिस- होमगार्ड के कार्य और सेवा भाव का स्वर्णिम पक्ष है। मुख्यमंत्री ने बचाव कार्य में लगे स्थानीय लोगों की पहल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाने वालों को पुरस्कृत करने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी आवश्यक स्थलों पर दिन-रात रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहे हैं। पुलिस-प्रशासन द्वारा सभी जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन का प्रबंध किया जा रहा है। जिला स्तर पर पुलिस प्रशासन को परस्पर समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता होने पर आसपास के जिलों का भी सहयोग लिया जा रहा है। जरूरत होने पर एयर एंबुलेंस की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने हरसंभव सावधानी बरतने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने जिला अधिकारियों को आपदा की इस स्थिति में पूर्ण सतर्कता, दक्षता, संवेदनशीलता और संयम के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक होने पर संभाग और राज्य स्तर से समन्वय कर सहयोग प्राप्त किया जाए। उन्होंने अतिवृष्टि जल भराव और बाढ़ की स्थिति में हर संभव सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में पुलिया पर पानी होने पर वाहनों को गुजरने ना दिया जाए। उन्होंने सिचुएशन रूम से राजगढ़, सीहोर, आगर मालवा, विदिशा, खंडवा चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का वर्चुअल अवलोकन किया।

राजधानी भोपाल में दो दिन में 8 इंच पानी गिर चुका है। यहां मंगलवार को सभी स्कूल बंद रहे। करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी घुस गया। कई जगह ट्रांसफार्मर और डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स तक पानी पहुंचने पर सुरक्षा के लिए सप्लाई बंद करनी पड़ी।

भोपाल मौसम विज्ञान केन्द्र से मिली जानकारी के मुताबिक बीते 24 घंटे में राजगढ़ के ब्यावरा में 9 इंच, खिलचीपुर में 8 इंच, जीरापुर में 7.7 इंच, राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, नरसिंहपुर में 3.7 इंच, पचोर में 3.7 इंच, सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश हुई है। इसी तरह आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच, आगर शहर में 3.6 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच, गुना के कुंभराज में 3.7 इंच, शाजापुर शहर में 3.4 इंच, मंदसौर के गरोठ में 2.7 इंच, उज्जैन के महिदपुर और माकड़ोन में ढाई इंच पानी गिरा है।

नर्मदापुरम में लगातार बारिश से नर्मदा नदी का लेवल 9.6 फीट और तवा डैम का जलस्तर 8.5 फीट बढ़ गया है। रायसेन में सांची रोड पर पगनेश्वर और भोपाल रोड पर जाखा बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से छोटे पुल डूब गए। जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी रही। सेमरा के पीएमश्री हाईस्कूल परिसर में कमर तक पानी भर गया। सीहोर में भीलाखेड़ी नदी के पास मकान में एक ही परिवार के 10 लोग घिर गए। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से उन्हें निकाला। खरगोन में लगातार बारिश के चलते अपरवेदा बांध के दो गेट डेढ़-डेढ़ मीटर खोल दिए गए हैं, जिले के 24 गांव में अलर्ट जारी किया गया है।

लगातार बारिश से प्रदेश के डैम और तालाबों का जलस्तर भी बढ़ा है। भोपाल के बड़े तालाब में एक दिन में करीब पौन फीट पानी बढ़ा और जलस्तर 1663 फीट पहुंच गया। नर्मदा के उफान पर होने से इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर डैम का जलस्तर भी बढ़ा है। वहीं, उमरिया के जोहिला और आगर-मालवा के कुंडालिया डैम से पानी छोड़ा जा रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Powered By Sangraha 9.0