बुल्गारिया की विपक्षी पार्टी ने यूक्रेनी राजदूत को निष्कासित करने की मांग की

11 Aug 2026 17:35:53
सांकेतिक


सोफिया, 10 अगस्त (हि.स.)। बुल्गारिया की विपक्षी पार्टी ‘रिवाइवल’ के नेता कोस्टाडिन कोस्टाडिनोव ने यूक्रेन की राजदूत ओलेसिया इलाशचुक को देश से निष्कासित करने की मांग की है। उन्होंने राजदूत पर बुल्गारिया के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया और हालिया ड्रोन घटना तथा कथित जासूसी मामले को लेकर सवाल उठाए।

रूस के अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (आरटी)

के मुताबिक, कोस्टाडिनोव ने कहा कि सोफिया को इलाशचुक को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ यानी ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित करना चाहिए। उनकी यह मांग बुल्गारिया के विदेश मंत्रालय द्वारा राजदूत को तलब किए जाने की घोषणा के बाद सामने आई।

विवाद एक यूक्रेनी ड्रोन से जुड़ी घटना के बाद शुरू हुआ। बुल्गारियाई अधिकारियों के अनुसार, एक मानवरहित हवाई वाहन रोमानियाई हवाई क्षेत्र से बुल्गारिया में दाखिल हुआ और पूर्व करदाम सीमा चौकी के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर फट गया।

घटनास्थल ट्रांस-बाल्कन गैस पाइपलाइन पर स्थित एक कंप्रेसर स्टेशन से करीब एक किलोमीटर दूर था।

बुल्गारिया के रक्षा मंत्रालय ने प्रारंभिक आकलन में कहा कि यह संभवतः ‘माया’ डिकॉय ड्रोन था, जिसका इस्तेमाल यूक्रेनी सेना करती है। हालांकि, मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि ड्रोन को जानबूझकर बुल्गारियाई क्षेत्र में भेजा गया था।

कोस्टाडिनोव ने अधिकारियों पर ड्रोन घटना को कम करके आंकने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि घटनास्थल पर हुआ नुकसान एक सामान्य, बिना हथियार वाले टोही ड्रोन से होने वाले नुकसान जैसा नहीं था।

उन्होंने इसे ‘‘आक्रामकता का कृत्य’’ बताते हुए सवाल किया कि क्या यूक्रेन के अन्य ड्रोन भी बुल्गारिया के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए थे।

कोस्टाडिनोव ने राजदूत इलाशचुक से उन दो पूर्व यूक्रेनी सैनिकों के मामले में भी सवाल करने की मांग की, जिन्हें इस साल की शुरुआत में बुल्गारिया में कथित जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया गया था।

‘रिवाइवल’ पार्टी का दावा है कि हिरासत में लिए गए दोनों लोगों ने संवेदनशील जानकारी हासिल की थी। इसमें बाल्कन स्ट्रीम गैस पाइपलाइन से जुड़े कंप्रेसर स्टेशनों के स्थान और तकनीकी विवरण शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

कोस्टाडिनोव ने बुल्गारियाई मीडिया में प्रकाशित उन खबरों का भी हवाला दिया, जिनमें इस मामले में इलाशचुक द्वारा कथित राजनयिक दबाव बनाए जाने की बात कही गई थी।

उन्होंने कहा कि राजदूत की कथित गतिविधियां बुल्गारिया और यूक्रेन के बीच अच्छे राजनयिक संबंधों में योगदान नहीं दे रही हैं और उन्हें ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब बुल्गारिया की नई सरकार यूक्रेन युद्ध को लेकर अपने रुख में बदलाव के संकेत दे रही है। सरकार ने इस साल की शुरुआत में यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति रोकने और रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत की मांग का समर्थन किया है।

यह घटनाक्रम यूक्रेनी ड्रोन के पड़ोसी देशों के हवाई क्षेत्र में पहुंचने की कई घटनाओं के बाद सामने आया है। जून में रोमानिया के कॉन्स्टांटा बंदरगाह के भीतर और आसपास चार यूक्रेनी नौसैनिक ड्रोन में विस्फोट हुआ था। उस समय कीव ने कहा था कि उसका उन ड्रोन पर नियंत्रण खत्म हो गया था।

मॉस्को लंबे समय से यूक्रेन पर संघर्ष को व्यापक क्षेत्र में फैलाने और ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है, जिनसे नाटो देश रूस के साथ-सीधे टकराव में आ सकते हैं। रूस का यह भी कहना है कि पश्चिमी देशों से यूक्रेन को लगातार मिल रही सैन्य सहायता क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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