गाजा/यरुशलम, 12 अगस्त (हि.स.)। गाजा को लेकर गठित बोर्ड ऑफ पीस ने हमास के साथ किसी भी तरह के वित्तीय समझौते की खबरों को खारिज कर दिया है। बोर्ड के गाजा मामलों के शीर्ष प्रतिनिधि निकोलाय म्लादेनोव ने कहा कि हमास के बाहरी पक्षों के करीब 40 करोड़ डॉलर के कथित कर्ज को चुकाने का कोई प्रस्ताव न तो चर्चा में आया, न उस पर बातचीत हुई और न ही भविष्य में ऐसा कोई समझौता किया जाएगा।
म्लादेनोव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि बोर्ड के फंड हमास के जरिए नहीं भेजे जाते। उनके मुताबिक, प्रत्येक अनुबंध की जांच और मंजूरी की प्रक्रिया होती है तथा किसी परियोजना के लिए भुगतान से पहले उसका सत्यापन किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि दान देने वाली सरकारें सभी खातों का ऑडिट कर सकती हैं।
यह सफाई उस रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें इजराइली सार्वजनिक प्रसारक कान ने दावा किया था कि बोर्ड ऑफ पीस ने हमास के करीब 400 मिलियन डॉलर के कर्ज को चुकाने पर सहमति जताई है। बोर्ड के एक अधिकारी ने इस दावे को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा कि गाजा के लिए तैयार 15 सूत्रीय रोडमैप की एक धारा को वित्तीय समझौते के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
म्लादेनोव ने साफ किया कि हमास की गाजा के शासन में कोई भूमिका नहीं होगी और संगठन को किसी फंड तक पहुंच भी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रोडमैप का उद्देश्य गाजा का पूर्ण निरस्त्रीकरण, नागरिक प्रशासन की स्थापना और सुरक्षा व्यवस्था के लिए अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी सुनिश्चित करना है।
उन्होंने इजरायल से गाजा निरस्त्रीकरण संबंधी रोडमैप का समर्थन करने की अपील भी की। म्लादेनोव के अनुसार, इजराइल को जमीन पर किसी कार्रवाई के सत्यापित होने से पहले भरोसे के आधार पर अपरिवर्तनीय कदम उठाने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल का उद्देश्य गाजा में निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया में मदद करना और ऐसा नागरिक शासन स्थापित करना है, जिसमें हमास की कोई भूमिका न हो। इस बीच उल्लंघनों की निगरानी के लिए एक तंत्र ने भी काम शुरू कर दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय