स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति भवन में गूंजेगी छत्तीसगढ़ के 'गुट्टा मांदर' की थाप

12 Aug 2026 12:58:53
नृत्य करते हुए सरईटोला के कलाकार।


समूह में खड़े हुए सरईटोला के कलाकार।


धमतरी, 12 अगस्त (हि.स.)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी लोकसंस्कृति राष्ट्रीय मंच पर अपनी विशेष पहचान दर्ज कराएगी। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम सरईटोला (गुडरापार) का जय गढ़िया बाबा आदिवासी लोक मांदरी नृत्य दल राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक गुट्टा मांदर नृत्य की प्रस्तुति देगा।

ग्रामीण अंचल के कलाकारों को देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलना न केवल धमतरी, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। सरईटोला का यह लोक नृत्य दल अपनी विशिष्ट गढ़वा नृत्य शैली, गुट्टा मांदर की ऊर्जावान थाप, पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्यों के लिए जाना जाता है। इसकी प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज के लोकजीवन, परंपराओं, उत्सवों और सामुदायिक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलती है।

मांदर की थाप, पारंपरिक गीत और सामूहिक नृत्य इस लोककला को विशिष्ट पहचान देते हैं। रंग-बिरंगी पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा, आभूषण और साज-सज्जा प्रस्तुति की सांस्कृतिक गरिमा को और बढ़ाते हैं। यह लोकनृत्य महज मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोकजीवन, सामुदायिक एकता और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का संवाहक है। फसल कटाई, उत्सवों, मेलों और विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक अवसरों पर इसका आयोजन किया जाता है।

दल के सचिव रूपराय नेताम ने बताया कि सांस्कृतिक भवन, नागपुर की ओर से दल की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों और पारंपरिक कला की विशिष्टता को देखते हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुति देने के लिए चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान में छत्तीसगढ़ की लोककला प्रस्तुत करना दल के लिए बेहद गौरवपूर्ण अवसर है। सभी कलाकार इस प्रतिष्ठित मंच पर श्रेष्ठ प्रस्तुति देने के लिए उत्साहित हैं।

राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुति देने के लिए सरईटोला के रतन लाल निषाद, सुरेंद्र सोरी, हेमंत सोरी, सुलोचना सोरी और मधु नेताम नई दिल्ली रवाना होंगे। ग्रामीण अंचल से निकलकर राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचने वाले इन कलाकारों की उपलब्धि छत्तीसगढ़ की लोककला और जनजातीय संस्कृति की मौलिकता एवं जीवंतता को दर्शाती है।

कलेक्टर ने कलाकारों को दी शुभकामनाएं

उल्लेखनीय है कि चार अगस्त को जनदर्शन के दौरान गढ़िया बाबा आदिवासी लोक नृत्य सेवा समिति, सरईटोला के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से सौजन्य भेंट की थी। इस दौरान उन्होंने बताया था कि उनकी टीम 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में धमतरी की समृद्ध आदिवासी लोकसंस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हुए लोकनृत्य की प्रस्तुति देगी।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा था कि राष्ट्रीय मंच पर जिले की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी कला का प्रदर्शन पूरे धमतरी के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ युवा पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा भी देगी। राष्ट्रपति भवन में गूंजने वाली मांदर की थाप धमतरी की धरती की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय पटल पर नई ऊंचाई प्रदान करेगी।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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