विश्व हाथी दिवस पर बोले भूपेंद्र यादव, गज संरक्षण के लिए देश में 33 अभयारण्य और 150 गलियारे

12 Aug 2026 13:47:53
हाथी (फाइल फोटो)।


नई दिल्ली, 12 अगस्त (हि.स.)। देश में हाथियों के संरक्षण के लिए 14 राज्यों में 33 हाथी अभयारण्य और 150 वैज्ञानिक रूप से चिन्हित हाथी गलियारे हैं। विश्व हाथी दिवस के मौके पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि हाथियों का भविष्य सुरक्षित करना भारत के जंगलों, जैव विविधता और पारिस्थितिक विरासत को सुरक्षित करने के बराबर है।

यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि हाथियों की आबादी की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए मजबूत उपाय किए जा रहे हैं। हाथियों के संरक्षण के लिए ऐसे प्रयास जरूरी हैं, जिससे वे आने वाली पीढ़ियों तक भारत के जंगलों और प्राकृतिक क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से विचरण कर सकें।

केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे समृद्ध और विविध प्राकृतिक क्षेत्रों में से एक है। दुनिया के जंगली एशियाई हाथियों में करीब 60 प्रतिशत भारत में पाए जाते हैं। ऐसे में हाथी देश की पारिस्थितिकी विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हाथी अभयारण्य हाथियों के संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने हाथियों को पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि हाथी जब जंगलों में विचरण करते हैं तो दूर-दूर तक बीज फैलाते हैं, जिससे नए पौधों के उगने में मदद मिलती है। इस तरह हाथियों की गतिविधियां जंगलों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने में योगदान देती हैं।

सिंह ने विश्व हाथी दिवस पर लोगों से इन विशालकाय वन्यजीवों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने के प्रयासों में एकजुट होने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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