स्टॉक मार्केट में आरडी इंडस्ट्रीज की मजबूत शुरुआत, फायदे में रहे आईपीओ निवेशक

12 Aug 2026 11:44:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 12 अगस्त (हि.स.)। लेड और लेड एलॉय के प्रोडक्ट्स तैयार करने और उनकी रिसाइक्लिंग करने का काम करने वाली कंपनी आरडी इंडस्ट्रीज के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 53 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 38.87 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 73.60 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 35.85 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 72 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 73.60 रुपये के स्तर तक पहुंचा। हालांकि बाद में मुनाफा वसूली शुरू हो जाने की वजह से इसने 65.77 रुपये के स्तर तक गोता भी लगाया। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच दोपहर 11:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 67.30 रुपये के स्तर पर बने हुए थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 14.30 रुपये यानी 14.30 प्रतिशत के फायदे में थे।

आरडी इंडस्ट्रीज का 425.87 करोड़ रुपये का आईपीओ पांच से सात अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से धांसू रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 138.83 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 202.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 266.75 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 47.77 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत दो रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 8,03,52,358 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 320 करोड़ रुपये के 6,03,77,358 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 106 करोड़ रुपये के 1,99,75,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

आरडी इंडस्ट्रीज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 8.95 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 33.27 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 84.68 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 463.39 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 743.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 1,168.88 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 142.36 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 165.77 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 182.75 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 26.06 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 59.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 96.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 29.25 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 62.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 147.28 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 28.06 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 65.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 147.08 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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