कोलंबिया : राष्ट्रपति ने घोषित किया आर्थिक आपातकाल, भूकंप से मरने वालों की संख्या 265 हुई

13 Aug 2026 20:29:53

- 3,494 लोग घायल और 496 अब भी लापता, 53 हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त

बोगोटा, 13 अगस्त (हि.स.)। कोलंबिया में 10 अगस्त को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 265 हो गई है, जबकि 3,494 लोग घायल हुए हैं और 496 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बड़े पैमाने पर हुई तबाही को देखते हुए राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रीएला ने देश में संवैधानिक प्रावधान के तहत आर्थिक आपातकाल घोषित किया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आपातकाल के जरिए एक विशेष कोष बनाया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संसाधनों को जुटाकर भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण में लगाया जाएगा। उन्होंने इसे देश के लिए “बहुत बड़ी त्रासदी” बताते हुए घायलों की मदद और तबाह इलाकों के पुनर्निर्माण को सरकार की तत्काल प्राथमिकता बताया।

53 हजार से ज्यादा मकान प्रभावित

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भूकंप से 53,526 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 140 इमारतें पूरी तरह ढह गईं। इसके अलावा 1,819 शैक्षणिक संस्थान, 631 सामुदायिक केंद्र और 179 स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं।

भूकंप से परिवहन और आवश्यक सेवाओं का ढांचा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एक पैदल पुल पूरी तरह नष्ट हो गया, जबकि 20 राजमार्ग पुल और 203 सड़क खंड क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 44 जल आपूर्ति प्रणालियों और पांच हवाई अड्डों को भी नुकसान पहुंचा है।

प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद

सरकार द्वारा बनाए जाने वाले विशेष राहत कोष से अस्पतालों, स्कूलों, मकानों, सड़कों और हवाई अड्डों के पुनर्निर्माण में मदद दी जाएगी। प्रभावित परिवारों और कारोबारियों के लिए किराया सहायता, उपयोगिता बिलों में मदद, कर एवं वित्तीय प्रोत्साहन और सीधे आर्थिक सहयोग जैसी योजनाएं भी शुरू करने की तैयारी है।

कई देश भेजेंगे राहत दल

आपदा राहत अभियान में अंतरराष्ट्रीय मदद भी पहुंच रही है। अमेरिका, इजराइल, इक्वाडोर और अल सल्वाडोर से विशेषज्ञ खोज एवं बचाव दल कोलंबिया पहुंचने वाले हैं। स्विट्जरलैंड ने भी भूकंप राहत के लिए 10 लाख स्विस फ्रैंक की सहायता देने की घोषणा की है।

10 अगस्त की सुबह आया यह 7.4 तीव्रता का भूकंप चोको विभाग में केंद्रित था और इसके झटके कोलंबिया के बड़े हिस्से के साथ पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए। अब सरकार के सामने हजारों प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की बड़ी चुनौती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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