आईसीएमआर-एसएचआईएनईः हजारों छात्रों ने करीब से जाना विज्ञान और स्वास्थ्य अनुसंधान

13 Aug 2026 19:21:53
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर ) की ओर से आयोजित दो दिवसीय आईसीएमआर -एसएचआईएनई  2026 कार्यक्रम का


नई दिल्ली, 13 अगस्त (हि.स.)। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद् (आईसीएमआर) की ओर से आयोजित दो दिवसीय आईसीएमआर-एसएचआईएनई 2026 कार्यक्रम का 11-12 अगस्त को समापन हुआ। देशभर में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत कक्षा 9 से 12 तक के हजारों विद्यार्थियों को बायोमेडिकल और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान को करीब से समझने का अवसर मिला।

आईसीएमआर-एसएचआईएनई का आयोजन देश के 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 83 स्थानों पर किया गया। कार्यक्रम को महानगरों तक सीमित न रखते हुए जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम और अंडमान सहित दूरदराज क्षेत्रों तथा झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने वैज्ञानिकों से संवाद किया और विभिन्न प्रयोगशालाओं में आयोजित गतिविधियों में हिस्सा लिया।

नागपुर और गोरखपुर में छात्रों को मोबाइल बीएसएल -3 प्रयोगशालाओं को करीब से देखने का अवसर मिला। वहीं, कई केंद्रों पर लाइव वैज्ञानिक प्रदर्शन, पोस्टर वॉक, बीएमआई की गणना और प्रयोगशाला स्वच्छता से जुड़ी व्यावहारिक गतिविधियां आयोजित की गईं।

दिल्ली में युवा नवाचारकर्ताओं ने अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से विकसित सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े समाधान भी प्रदर्शित किए।

कार्यक्रम में आईसीएमआर के आधिकारिक मैस्कॉट ‘डॉ. क्यूरियो’ के जरिए वैज्ञानिक विषयों को विद्यार्थियों के लिए रोचक और आसान बनाने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम के दौरान एसएचआईएनई की आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की गई। वेबसाइट के जरिए विद्यार्थियों को स्वास्थ्य अनुसंधान से जुड़े संसाधन, कार्यक्रम की जानकारी और विभिन्न अवसर उपलब्ध होंगे।

इसके अलावा आई सीएमआर ने राष्ट्रव्यापी एसएचआईएनई स्कूल प्रतियोगिता की घोषणा की है। इसमें विद्यार्थी अपने आसपास की वास्तविक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर उन पर शोध प्रश्न तैयार कर संभावित समाधान प्रस्तुत कर सकेंगे।

प्रतियोगिता के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 11 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। शिक्षकों के अनुसार, ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर वास्तविक वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रयोगशाला कार्यों को समझने का अवसर देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ इस तरह की वैज्ञानिक गतिविधियां अधिक नियमित रूप से आयोजित किए जाने की जरूरत बताई।

आईसीएमआर के मुताबिक, एसएचआईएनई के जरिए विद्यार्थियों को केवल विज्ञान पढ़ने के बजाय उसे देखने, अनुभव करने और सवाल पूछने का अवसर मिला। परिषद का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना तथा उन्हें भविष्य में स्वास्थ्य अनुसंधान से जोड़ना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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