एफसीआरए बिल का मिलीभगत से हुआ राजनीतिकरण, जल्दबाजी में जेपीसी को भेजा गया : मायावती

13 Aug 2026 13:57:52
बसपा प्रमुख मायावती की फोटो


लखनऊ, 13 अगस्त (हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष और सत्ता पक्ष ने मिलकर एफसीआरए अर्थात विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक का राजनीतिकरण कर दिया है। इसके कारण इस विधेयक को जल्दबाजी में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि संसद नहीं चलने से सरकार कई महत्वपूर्ण बिल बिना बहस के ही पास करा ले रही है। ये सत्ता पक्ष और विपक्ष की मिलीभगत लगती है।

मायावती ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि एफसीआरए संशोधन बिल, जिसे सरकार अति-महत्वपूर्ण बताकर अन्य विधेयकों की तरह ही इसे तुरन्त पास कराना चाहती थी, लेकिन विपक्ष के विरोध के चलते व संसद में इस पर बिना प्रारम्भिक चर्चा के ही इसे कल काफी आपाधापी में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेज दिया गया है।

उन्होंने कहा कि एफसीआरए संशोधन बिल को कांग्रेस पार्टी व इनके सहयोगी दल सीधे तौर पर अल्पसंख्यक विरोधी बताकर इस बिल को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार इसे विदेश फण्डिंग के उपयोग में कथित भ्रष्टाचार से जोड़कर इसमें कठोर बदलाव करना चाहती है। इससे स्पष्ट है कि इस बिल का सत्ता व विपक्ष दोनों ने ही राजनीतिकरण ज्यादा कर दिया है।

मायावती ने कहा कि यह बेहतर होता यदि विपक्ष कल इस विधेयक को रखने के दौरान संसद को चलने देता और इसकी कमियों को उजागर करता तो उसे पूरा देश जानता, लेकिन इन्होंने संसद को ही अपनी जिद के हिसाब से नहीं चलने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे अनेकों और बिल भी विपक्ष द्वारा संसद को नहीं चलने देने की वजह से सरकार ने उन्हें मिनटों में पास करा दिये, जिन्हें इनको रोकना चाहिये था। जो विपक्ष ने ऐसा नहीं किया, जिसका सरकार अपने पक्ष में पूरा फायदा उठा रही है। इससे विपक्ष की या तो अन्दरुणी मिलीभगत लगती है या फिर जेन-जी के वोटों के स्वार्थ में इन्हें देश के अन्य मुद्दे बिल्कुल भी नजर नहीं आ रहे हैं। वर्तमान हालात में जेन-जी की समस्याओं के मुद्दे को प्राथमिकता देते हुये इनको जनहित के अन्य मुद्दों को भी महत्व देना चाहिये था। इसके साथ ही, इनको अयोध्या में राम मन्दिर के कथित चढ़ावे में गड़बड़ी का मुद्दा भी संसद में उठाना चाहिये था, जिसे भी अब विपक्ष ने अपने राजनैतिक स्वार्थ में उसे पीछे कर दिया है।

बसपा प्रमुख ने अपील करते हुए कहा कि देश की जनता, सत्ता व विपक्ष के बीच इस समय संसद सत्र के दौरान भी चल रही उनके अपने-अपने राजनैतिक स्वार्थ की लड़ाई से पूरी तरह से सचेत रहते हुये एकमात्र अम्बेडकरवादी बहुजन समाज पार्टी, जो ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीतियों व सिद्धान्तों के आधार पर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से चल रही है, उससे देश व आम-जनहित में जुड़ें। यही समय की मांग व सर्वसमाज के हित में भी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

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