कोलकाता, 13 अगस्त (हि.स.)। बांग्ला सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार की जन्मशताब्दी के अवसर पर पश्चिम बंगाल सरकार ने वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। गुरुवार को सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम सूची के अनुसार, महानायक की स्मृति और बांग्ला सिनेमा में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों, स्मारक प्रकाशनों और हेरिटेज वॉक सहित विभिन्न प्रकार के आयोजन होंगे।
तीन सितंबर 2026 को महानायक की स्मृति में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही बांग्ला फिल्म जगत की विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
उत्तम कुमार के जीवन और सिनेमा पर केंद्रित एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इसमें महानायक के फिल्मी जीवन, उनके योगदान और बांग्ला सिनेमा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
इसके अलावा भारतीय डाक विभाग की ओर से उत्तम कुमार की जन्मशताब्दी के अवसर पर विशेष स्मारक डाक कवर तथा स्मारक ग्रंथ प्रकाशित किया जाएगा।
महानायक से जुड़े स्थानों को लोगों तक पहुंचाने के लिए एक हेरिटेज वॉक भी आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य उत्तम कुमार के जीवन और फिल्मी सफर से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों के बारे में लोगों को जानकारी देना है।
नंदन प्रेक्षागृह में सूचना एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से उत्तम कुमार से संबंधित दुर्लभ तस्वीरों, फिल्म पोस्टरों, स्मृति चिह्नों और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही नंदन के निकट स्थित प्रेक्षागृह में फिल्म विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, कलाकारों और समीक्षकों की भागीदारी से चर्चा सभा आयोजित की जाएगी।
जन्मशताब्दी समारोह के तहत न्यू टाउन में ‘उत्तम कुमार जन्मशताब्दी फिल्म सेंटर’ स्थापित करने की भी योजना है। प्रस्तावित फिल्म सेंटर में सिनेमा और संस्कृति के बीच बेहतर समन्वय के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा दक्षिण कोलकाता में कोलकाता नगर निगम द्वारा संचालित ‘उत्तम मंच’ के सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण की भी योजना बनाई गई है।
सरकार के कार्यक्रम के अनुसार, 31वां कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव इस वर्ष 16 दिसंबर से 23 दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। जन्मशताब्दी वर्ष के मद्देनजर फिल्म महोत्सव में भी महानायक उत्तम कुमार की विरासत और बांग्ला सिनेमा में उनके योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किए जाने की संभावना है।
सरकार की इन पहलों के जरिए महानायक उत्तम कुमार की विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ उनकी फिल्मों, अभिनय और बंगाल की सांस्कृतिक चेतना में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय