
नई दिल्ली, 14 अगस्त (हि.स.)। केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के 100 लाभार्थियों को 15 अगस्त को दिल्ली के लालकिला में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है। ये लाभार्थी अपने जीवनसाथी या सहयोगी के साथ राष्ट्रीय समारोह में शामिल होंगे।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया है कि इन विशेष अतिथियों में अलग-अलग पारंपरिक व्यवसायों से जुड़ी महिला शिल्पकार भी शामिल हैं। यह उनके आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार में बढ़ती भागीदारी और देश की समृद्ध शिल्पकला व सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महिलाओं की भूमिका को मजबूती प्रदान करने में इस योजना के योगदान को दर्शाता है।
लाभार्थियों का सम्मान और सराहना
मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों का सम्मान और सराहना स्वरूप उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किए जाएंगे। 14 अगस्त को नई दिल्ली स्थित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक संवाद होगा, जिसमें देश के पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक विरासत में योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
पीएम विश्वकर्मा योजना
पीएम विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार की प्रमुख पहलों में से एक है। इसका उद्देश्य पारंपरिक शिल्पों में लगे कारीगरों और शिल्पकारों को आगे बढ़ने में मदद करना है। इस योजना के अंतर्गत कौशल उन्नयन, आधुनिक उपकरण, वित्तीय सहायता, डिजिटल सशक्तिकरण और बाजार संपर्कों के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है, जिसका लक्ष्य कारीगरों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, पारंपरिक शिल्पों को सशक्त करना और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत 30 लाख पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को पंजीकृत किया गया है।
देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के योगदान का सम्मान
यह आमंत्रित लाभार्थी पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत आने वाले 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े हुए हैं। इनमें दर्जी, बढ़ई, सुनार, लोहार, ताला बनाने वाले कारीगर सहित कई अन्य पेशे शामिल हैं। आमंत्रित लाभार्थियों ने योजना के तहत पंजीकरण, बुनियादी कौशल प्रशिक्षण और टूलकिट की उपलब्धता सहित विभिन्न सुविधाओं का लाभ उठाया है और योजना के अंतर्गत उपलब्ध अन्य सहायता लाभों भी उन्हें मिला है।
पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को विशेष अतिथि के तौर पर बुलाना भारत के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के योगदान को सम्मान देने का एक अवसर है। लालकिला में उनकी मौजूदगी उन्हें स्वतंत्रता दिवस के शानदार आयोजन का साक्षी बनने और इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय उत्सव का हिस्सा बनने का मौका देगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर