एनसीबी ने भगोड़े ड्रग किंगपिन वीरेंद्र बसोया की वापसी सुनिश्चित कीः अमित शाह

14 Aug 2026 13:28:53
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फाइल फोटो)


नई दिल्ली, 14 अगस्त (हि.स.)। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को बड़ी सफलता मिली है। एनसीबी ने विदेश में छिपे अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर वीरेंद्र सिंह बसोया उर्फ वीरू को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। बसोया को शुक्रवार तड़के नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचने पर हिरासत में ले लिया गया।

गृह मंत्रालय ने बताया कि एनसीबी के अनुरोध पर इंटरपोल ने बसोया के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था, जिसके आधार पर उसे इस साल जून में यूएई में गिरफ्तार किया गया था। भारतीय एजेंसियों के लगातार समन्वय और यूएई अधिकारियों के सहयोग से उसे भारत वापस लाया गया। बसोया दिल्ली के सरोजिनी नगर इलाके के पिलंजी का रहने वाला है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि मोदी सरकार विदेश में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पीछा कर रही है और उनके पूरे तंत्र को नष्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में एनसीबी ने यूएई से भगोड़े ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को वापस लाकर एक नया मुकाम हासिल किया है। ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर तक अपराधी का पता लगाने की रणनीति के जरिए एजेंसियों ने फिर साबित किया है कि ड्रग तस्कर दुनिया में कहीं भी छिप जाएं, भारतीय कानून की पहुंच से बच नहीं सकते।

उल्लेखनीय है कि यह मामला फरवरी 2024 में पुणे में 500 ग्राम मेफेड्रोन की बरामदगी के बाद सामने आया था। जांच को आगे बढ़ाते हुए एजेंसियों ने मादक पदार्थों के पूरे नेटवर्क को चिन्हित करने और उसे ध्वस्त करने के लिए व्यापक कार्रवाई की। इसके बाद पुणे से करीब 867 किलोग्राम और दिल्ली से करीब 970 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया। इस तरह कुल करीब 1,837 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया गया। बाद में मामले की आगे की जांच एनसीबी की मुंबई जोनल यूनिट को सौंप दी गई।

जांच में बसोया को विदेश में सक्रिय नेटवर्क के एक प्रमुख संचालक और कथित साजिशकर्ता के रूप में चिन्हित किया गया। आरोप है कि वह विदेश से पूरे सिंडिकेट की गतिविधियों का समन्वय करता था और भारत से अन्य देशों में मेफेड्रोन की खेप भेजने में मदद करता था। दिल्ली से बरामद करीब 970 किलोग्राम मेफेड्रोन की बड़ी खेप कथित तौर पर उससे जुड़े कूरियर चैनलों के जरिए विदेश भेजने की तैयारी से जुड़ी थी।

बसोया का नाम अंतरराष्ट्रीय कोकीन तस्करी से जुड़े दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक अलग मामले में भी सामने आया है। अक्टूबर 2024 में स्पेशल सेल ने एक बड़े ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया था। दिल्ली, हापुड़ और गाजियाबाद के गोदामों तथा अन्य ठिकानों के अलावा गुजरात के अंकलेश्वर स्थित एक फैक्टरी में की गई कार्रवाई में 1,300 किलोग्राम से अधिक कोकीन, मेफेड्रोन और हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया गया था।

जांच में बसोया की कथित भूमिका कोकीन और अन्य मादक पदार्थों की खरीद, परिवहन, भंडारण और वितरण के समन्वय से जुड़ी पाई गई।

बसोया की भारत वापसी एनसीबी के ‘ऑपरेशन ग्लोबल-हंट’ के तहत की जा रही लगातार कार्रवाई का हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य विदेशों से मादक पदार्थों की तस्करी संचालित करने वाले प्रमुख तस्करों और भगोड़ों की पहचान कर उन्हें पकड़ना और भारत लाना है। इसके लिए इंटरपोल रेड नोटिस समेत अंतरराष्ट्रीय सहयोग तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस अभियान के तहत इससे पहले तुर्किये से मोहम्मद सलीम डोला और मलेशिया से नवीन चिचकर को भारत वापस लाने में भी सफलता मिली थी।

एनसीबी के अनुसार, भगोड़ों को भारत वापस लाकर उनके अपराधों के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना कराना ड्रग कंट्रोल पर जारी विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029) का हिस्सा है। इसके तहत विदेशों में सक्रिय अन्य प्रमुख मादक पदार्थ तस्करों की पहचान, गिरफ्तारी और भारत वापसी के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वित प्रयास जारी हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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