विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ देश आगे बढ़ रहा : राष्ट्रपति

14 Aug 2026 19:35:53
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन देते हुए


नई दिल्ली, 14 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है और ‘अंत्योदय’ की भावना के अनुरूप विकास का लाभ समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार और देशवासियों का संकल्प है। उन्होंने कहा कि समृद्ध विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को अपनाते हुए भारत आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि ‘वयं राष्ट्रे जागृयाम’ का वैदिक संदेश सभी को राष्ट्र के प्रति सदैव जागरूक रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया।

मुर्मु ने कहा कि 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन उन लाखों देशवासियों को याद किया जाता है, जो विभाजन की हिंसा में मारे गए या विस्थापन की त्रासदी झेलने को मजबूर हुए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के समय 550 से अधिक रियासतों को नवस्वाधीन भारत में शामिल करना भी बड़ी चुनौती थी, जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में पूरा किया गया। उन्होंने आधुनिक भारत की एकता के शिल्पकार सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान नागरिकों की भागीदारी पर आधारित है और जनभागीदारी की भावना को देशवासी नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठा, अवसर की समानता और व्यक्ति की गरिमा संविधान के प्रमुख आदर्श हैं तथा आज सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले लोग विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में देश ने तेज और समावेशी विकास किया है। 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने, प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत करीब 59 करोड़ लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 60 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुर्मु ने डिजिटल बुनियादी ढांचे, राजमार्गों, जलमार्गों, रेलवे और हवाई संपर्क के विस्तार को विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत में विश्व के आधे से अधिक रियल टाइम डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं और प्रौद्योगिकी के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान ने आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार मजबूत किया है। साथ ही भारत नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की विदेश नीति राष्ट्रीय हित, शांति, सहयोग, संवाद और ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के आदर्शों पर आधारित है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भावी पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी बताते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘लाइफ’ जैसे अभियानों के माध्यम से व्यक्तिगत एवं सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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