प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन को अमित शाह ने बताया ऐतिहासिक

15 Aug 2026 15:32:53
अमित शाह


नई दिल्ली, 15 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए संबोधन को स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के संकल्प से ओतप्रोत बताते हुए कहा कि यह संबोधन भारत को सभी क्षेत्रों में अग्रणी राष्ट्र बनाने की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा।

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘नशामुक्त भारत’, ‘सुरक्षित भारत’ और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ विकसित भारत के निर्माण का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और रेलवे परिवहन जैसे क्षेत्रों में हुई अभूतपूर्व प्रगति को रेखांकित किया और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने तथा सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘सप्तधारा’ यानी सात शक्तियों का मंत्र दिया।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं की क्षमता का उपयोग करने के लिए एक वर्ष में एक करोड़ से अधिक युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण देने, निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क स्थापित करने और 2036 के ओलंपिक के लिए प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने जैसी महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। इसके अलावा साल 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट तक पहुंचाने और आठ नए सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य भी रखा गया है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का संबोधन स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के संकल्प से प्रेरित है। यह संबोधन भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।

अमित शाह ने एक अन्य पोस्ट में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जन-जन में जोश भरने वाले राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 80 वर्ष बाद पहली बार लाल किले की प्राचीर से गाए जाने को ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनना उनके लिए बेहद रोमांचकारी और गौरवपूर्ण अनुभव रहा। इस क्षण ने उनके पूरे शरीर में रोमांच पैदा कर दिया और वे अत्यंत उत्साहित हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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