(लीड) विकसित भारत के लाभार्थी देश के युवा, दिमागी नक्सलियों से रहे सावधान : प्रधानमंत्री

15 Aug 2026 10:00:53
प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र के नाम संबोधन करते हुए


नई दिल्ली, 15 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए विकास को रफ्तार देने का आह्वान किया। उन्होंने इसके लिए सप्तशक्ति को बढ़ाने पर जोर दिया। सप्तशक्ति में उत्पादन, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक और नवाचार, गति शक्ति, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, हरित अर्थव्यवस्था और भारत की सॉफ्ट पावर शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने दिमागी नक्सलियों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि देश के युवाओं को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ना जरूरी है।महत्वपूर्ण है कि राष्ट्र आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम संबोधन में सपनों को संकल्प, संकल्प को सामर्थ्य और सामर्थ्य को सफलता में बदलने की बात कही। करीब सवा घंटे के अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में सरकार की ओर से हासिल उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयासों को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इनके परिणामस्वरूप ही देश पश्चिम एशिया जैसे संकट के दौरान भी मजबूत बना रहा ।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया वैश्वीकरण के मोहजाल से बाहर निकलकर आपूर्ति शृंखला को हथियार बना रही है। ऐसे में देश का आत्मनिर्भर बनना और भी आवश्यक हो जाता है। इसी दिशा में तेल और खनिज भंडारों की खोज के लिए सरकार ने 85 हजार करोड़ रुपये के साथ ‘समुद्र मंथन’ योजना की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि सोच की दरिद्रता के कारण ही अब तक समुद्र के 99 प्रतिशत क्षेत्र में खनिज खोज पर विचार ही नहीं किया गया था।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम एशिया संकट के समय कुछ लोग देश को डराने में आनंद ले रहे थे, लेकिन देश ने देख लिया कि पिछले 10 से 12 वर्षों की सुविचारित योजनाएं काम आ रही हैं। इसी के चलते देश पेट्रोल, डीजल और यूरिया की कमी के संकट से बच रहा। प्रधानमंत्री ने युवाओं को 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य का सबसे बड़ा लाभार्थी माना और कहा कि उन्हें इस लक्ष्य से जोड़ना बेहद जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों विशेषकर युवाओं को दिमागी नक्सलियों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि दशकों तक सत्ता में रहे ये दिमागी नक्सली अब मौके की तलाश में हैं और अराजकता के नए रास्ते खोज रहे हैं। ये लोग समाज को गलत राह पर घसीटने के लिए भांति-भांति के दांव चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश को हत्यारी नक्सलियो को समाप्त करने में सफलता मिली है, अब दिमागी नक्सलियों को पहचानकर अलग-थलग करने की आवश्यकता है।

मोदी ने सरकार की ओर से कुछ घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि देश एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का प्रशिक्षण देगा। 2036 के ओलंपिक की तैयारी के लिए जिन खेलों में भारत की प्रतिभागिता नहीं है, उनमें पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए प्रतिभा खोज कार्यक्रम चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बहुत से परिवारों को बच्चों की प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग पर बड़ा खर्च करना पड़ता है। भारत अपने डिजिटल बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल करते हुए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन कोचिंग कक्षाओं का पूरा बुनियादी ढांचा तैयार कर बच्चों को कोचिंग देगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नागरिकों को नागरिक सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े विधेयक को पारित कराने में सहयोग देने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने लोगों से आगामी जनगणना के लिए समय निकालने और सभी प्रश्नों के लिए तैयार रहने को कहा। प्रधानमंत्री ने विभिन्न देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार और अन्य समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के छोटे उद्योगों को इनका लाभ उठाकर वैश्विक बाजार तक अपनी पहुंच बढ़ानी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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