
नई दिल्ली, 16 अगस्त (हि.स.)। जापान ओपन का खिताब जीतकर बढ़े आत्मविश्वास और घरेलू दर्शकों के समर्थन के साथ पूर्व विश्व चैंपियन पीवी सिंधु सोमवार से नई दिल्ली में शुरू हो रही बीएफडब्ल्यू विश्व चैंपियनशिप-2026 में उतरेंगी।
पांच बार विश्व चैंपियनशिप पदक जीत चुकी सिंधु की नजर अब सात साल के इंतजार को खत्म कर एक और पदक अपने नाम करने पर है।
2019 में विश्व चैंपियन बनने वाली सिंधु ने कहा कि हाल ही में जापान ओपन में मिली जीत ने उन्हें विश्व चैंपियनशिप से पहले काफी आत्मविश्वास दिया है।
उन्होंने रविवार को इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “इस जीत से निश्चित रूप से मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और मैं विश्व चैंपियनशिप शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं। चूंकि इसका आयोजन भारत में हो रहा है, इसलिए मैं इसे लेकर बेहद उत्साहित हूं। जापान ओपन जीतने से मुझे आत्मविश्वास का एक बड़ा बढ़ावा मिला है।”
सिंधु ने 2019 में विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने 2013 और 2014 में कांस्य तथा 2017 और 2018 में रजत पदक हासिल किया था। वह विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीतने के मामले में रिकॉर्ड की बराबरी कर चुकी हैं। ऐसे में भारत में एक और पदक जीतना उनके लिए खास उपलब्धि होगी।
हालांकि सिंधु का कहना है कि वह भविष्य के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय मुकाबले दर मुकाबले आगे बढ़ना चाहती हैं।
उन्होंने कहा, “मैंने 2019 में विश्व चैंपियनशिप जीती थी। उसके बाद करीब सात साल हो चुके हैं। इसलिए मुझे उम्मीद है कि जापान ओपन से मिले आत्मविश्वास को मैं यहां भी बरकरार रखूंगी। मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हूं और इसे लेकर उत्साहित हूं, क्योंकि अभी सब कुछ अच्छा चल रहा है। मेरे लिए हमेशा एक समय में एक मैच पर ध्यान देना महत्वपूर्ण रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “भारतीय दर्शकों का हमें काफी समर्थन मिलने वाला है और मैं बहुत खुश हूं कि विश्व चैंपियनशिप भारत में हो रही है और मुझे अपने घरेलू मैदान पर खेलने का मौका मिल रहा है। निश्चित रूप से यहां काफी समर्थन मिलेगा और मुझे उम्मीद है कि मैं यहां भी पदक जीत सकूंगी।”
17 साल बाद उसी आयोजन में खिलाड़ी बनकर लौटीं सिंधु
सिंधु ने याद किया कि जब भारत ने पिछली बार 2009 में विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी की थी, तब वह एक छोटी बच्ची के रूप में मुकाबले देखने पहुंची थीं। अब 17 साल बाद वह उसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश की सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल होकर हिस्सा ले रही हैं।
उन्होंने कहा, “मैं उस समय बहुत छोटी बच्ची थी। मैं सुबह से शाम तक मैच देखने आया करती थी। हम बस खेलते रहते थे और मैच देखते थे। उस समय बहुत सारे शीर्ष खिलाड़ियों को देखने का मौका मिलता था। हम उन्हें देखते तो थे, लेकिन तब यह नहीं समझते थे कि यह कितना गंभीर और बड़ा आयोजन है।”
सिंधु ने कहा, “अब जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि उस समय मुझे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों और सर्वश्रेष्ठ माहौल को देखने का मौका मिला था और आज करीब 17 साल बाद मैं भारत में विश्व चैंपियनशिप खेल रही हूं। तब से अब तक का पूरा सफर बेहद यादगार रहा है। भारत में इस प्रतियोगिता का होना हमेशा खास है और इस बार मैं उम्मीद करती हूं कि घरेलू मैदान पर पदक जीतने में सफल रहूंगी।”
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे