मुख्यमंत्री ने टीडीपीएल की सभी जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाएं कीं रद्द

17 Aug 2026 23:16:53
मुख्यमंत्री सहित अन्य


रांची, 17 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नेे सोमवार को 14 वीं जेपीएससी और सीजीएल परीक्षा एवं टीडीपीएल की ओर से 2014 से अब तक ली गई सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द कर करने की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री ने यह बातें सोमवार की रात को प्रोजेक्ट भवन में अपने कैबिनेट के मंत्रियों के साथ लगभग चार घंटे की मैराथन बैठक के बाद कही।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि साल 2014 से जितनी भी परीक्षाएं हुई हैं, सभी को रद्द किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएएस अमिताभ कौशल के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया जायेगा, जो परीक्षा को बिना किसी गड़ब़ड़ी को आयोजित कराने से संबंधित नियमों को तय करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी और सीआईडी दोनों की जांच में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आये हैं। मामले की जांच चल रही है। इसलिए हर बात खुले तौर पर बताना संभव नहीं है। इसमें कई कंपनियों का एक जटिल और आपस में जुड़ा हुआ नेटवर्क शामिल है। 2014 से लेकर अबतक आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच सीआईडी से कराई जायेगी।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 14वीं जेपीएससी और बैकलॉग की दो परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला पहले ही कर चुकी है। सरकार ने यह फैसला जेपीएससी, जेएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन को देखते हुए लिया है। हालांकि मुख्यमंत्री की ओर से इन परीक्षाओं की सीबीआई जांच वाली मांग को मानने की बात नहीं कही। कुल 2025 पदों के लिए जेएसएससी-सीजीएल 2023 की परीक्षा 21-22 सितंबर 2024 को हुई थी। 08 दिसंबर 2025 को परीक्षा का परिणाम जारी किया गया था। उस समय पूर्व डीजीपी नीरज सिन्हा जेएसएससी के अध्यक्ष थे। पेपर लीक के आरोपों के बाद छात्रों के हंगामे को देखते हुए उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। 30 दिसंबर 2025 को सरकार ने सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया था।

छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप शुरु से लगाते रहे हैं। जेपीएससी नियुक्ति में गड़बड़ी के बाद छात्रों ने आंदोलन शुरु किया था। इसी दौरान अभय तिवारी की गिरफ्तारी हुई। अभय तिवारी के स्वीकारोक्ति बयान में यह खुलासा हुआ है कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर धांधली की गई थी।

परीक्षा में धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों में जेएसएससी-सीजीएल की परीक्षा को रद्द करना भी शामिल है। इसके साथ ही छात्र जेपीएससी और जेएसएससी की उन सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, जिसे टीडीपीएल कंपनी ने आयोजित की थी। सरकार से वार्ता के दौरान भी अन्य मांगों पर सहमति बन गई थी, लेकिन जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सभी परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग पर सहमति नहीं बन पाई थी।

इधर, छात्रों से वार्ता के लिए समय सोमवार की दोपहर 2.30 बजे तय किया गया था। लेकिन वार्ता से पहले ही मुख्यमंत्री ने मंत्रियों की बैठक बुलायी। इसके बाद उन्होंने परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा कर दी।

ये फैसले लिए गए

-जेएसएससी -सीजीएल और टीडीपीएल की परीक्षाएं रद्द: टीडीपीएल् की ओर से आयोजित की गईं सभी परीक्षाएं और उनके सभी रिजल्ट्स को रद्द कर दिया गया है।

-2014 से अब तक की सभी परीक्षाओं की जांच: वर्ष 2014 से लेकर अब तक जितनी भी परीक्षाएं हुई हैं, वे सभी अब जांच के दायरे में होंगी।

-रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में होगी संपूर्ण जांच: पूरे मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में संपूर्ण जांच कराई जाएगी।

- एसआइटी और सीआईडी को सख्त निर्देश: मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि जांच एजेंसियों को मामले की तह तक जाकर पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।

वहीं, मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद आंदोलन कर रहे छात्र नेता दवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच बहुत बारीकी से हो। इसमें शामिल हर भ्रष्ट व्यक्ति को पकड़ा जाये। इन गिरोहों के पीछे जो मास्टरमांइड है, उसे पकड़ा जाये। उन्होंने इन परीक्षाओं को रदद करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। प्रोजेक्ट भवन के पास मौजूद सैकडों छात्रों ने मुख्यमंत्री के समर्थन में नारेबाजी की।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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