
नई दिल्ली, 17 अगस्त (हि.स.)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों की शेष चिंताओं को दूर करने के लिए उनसे बातचीत करना सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।
राहुल गांधी ने सोमवार को हेमंत सोरेन को लिखे पत्र में कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का अधिकार संविधान में निहित है और यह लोकतंत्र के प्रमुख स्तंभों में से एक है। पिछले कुछ महीनों में देश की शिक्षा व्यवस्था में पेपर लीक और अनियमितताओं की खबरें सामने आई हैं। उनका मानना है कि शिक्षा व्यवस्था को उस ज्ञान व्यवस्था के बजाय छात्रों के शोषण और उत्पीड़न का माध्यम बनाया जा रहा है, जो एक दशक पहले हुआ करती थी।
राहुल गांधी ने कहा कि झारखंड में छात्र राज्य की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा है और वे अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं।
उन्होंने पत्र में कहा कि उन्हें जानकारी है कि राज्य सरकार ने छात्रों के साथ बातचीत की है और उनकी कई मांगों पर सहमति भी बनी है। हालांकि, उन्होंने कहा कि प्रदर्शन अभी जारी है और कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री सोरेन से आग्रह किया कि वह प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करें। इससे सरकार की छात्रों की बाकी चिंताओं को दूर करने की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।
उन्होंने पत्र में कहा कि भारत के युवा ही देश का भविष्य हैं। उन्होंने मौजूदा संकट की स्थिति में छात्रों के साथ एकजुटता और समर्थन व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री से उनकी बात सुनने तथा उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में उचित कदम उठाने का अनुरोध किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर