
एम्स्टेलवीन, 17 अगस्त (हि.स.)। भारतीय महिला हॉकी टीम एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में अपनी पहली जीत दर्ज करने के इरादे से मंगलवार को पूल डी के मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका का सामना करेगी। मुकाबला एम्स्टेलवीन के वेगेनर हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा।
भारत ने टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को कड़ी चुनौती देते हुए 2-2 से ड्रॉ खेला था। भारत की ओर से नवनीत कौर और दीपिका ने गोल किए। चीन ने दो बार वापसी करते हुए मुकाबला बराबरी पर खत्म किया।
चीन के खिलाफ प्रदर्शन से भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन अब टीम की नजर तीन अंक हासिल करने पर होगी। वहीं, दक्षिण अफ्रीका को अपने पहले मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था और वह भारत के खिलाफ वापसी करना चाहेगा।
पूल डी में फिलहाल इंग्लैंड शीर्ष पर है, जबकि भारत और चीन एक-एक अंक के साथ दूसरे स्थान पर हैं। चारों पूल की शीर्ष दो टीमें अगले चरण में पहुंचेंगी और सेमीफाइनल की दौड़ में बनी रहेंगी। ऐसे में भारत के लिए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत बेहद महत्वपूर्ण होगी। हालांकि मुख्य कोच सजॉर्ड मारिजन का कहना है कि टीम का ध्यान अंक तालिका के समीकरणों पर नहीं, बल्कि अपने प्रदर्शन पर है।
उन्होंने हॉकी इंडिया के हवाले से कहा, “हम गणना या इस बात पर ध्यान नहीं दे रहे हैं कि कौन किसके खिलाफ जीत रहा है। हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि हम खुद पर और अपनी ताकत पर ध्यान दें। चीन के खिलाफ हमने मौके बनाए, जो सकारात्मक बात थी। रक्षात्मक रूप से भी हम काफी मजबूत रहे। हमें डबल टर्नओवर पर काम करने की जरूरत है, यानी गेंद जीतने के बाद उसे अपने कब्जे में बनाए रखना। इसमें हम बेहतर कर सकते हैं।”
मारिजन ने दक्षिण अफ्रीका को लेकर खिलाड़ियों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा, “अब हमारा सामना दक्षिण अफ्रीका से है और मैंने लड़कियों से कहा है कि वे इसे हल्के में न लें। दक्षिण अफ्रीका भी एक अच्छी टीम है, इसलिए हमें इस मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।”
भारत को चीन के खिलाफ मिले मौकों को गोल में बदलने की क्षमता में सुधार करना होगा। नवनीत और दीपिका की अच्छी शुरुआत टीम के लिए सकारात्मक संकेत है। वहीं, भारतीय रक्षापंक्ति को चीन के खिलाफ दिखाए गए संयम और मजबूती को बरकरार रखना होगा।
दक्षिण अफ्रीका अपने शुरुआती मुकाबले की हार के बाद मजबूत वापसी के लिए मैदान पर उतरेगा। ऐसे में भारत को एक कड़े मुकाबले की उम्मीद होगी। भारतीय टीम की नजर अब चीन के खिलाफ हासिल किए आत्मविश्वास को जीत में बदलकर तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल करने और पूल डी में अपनी स्थिति मजबूत करने पर है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे